अनुशासन पर निबंध

अनुशासन पर निबंध – Short Essay on Discipline in Hindi – Anushasan Par Nibandh Hindi Mein

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अनुशासन शब्द एक ऐसा शब्द है जो की सभी व्यक्ति के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है जो व्यक्ति अपने जीवन को अनुशासनपूर्वक जीता है उसके जीवन में किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं आती | अनुशासन सबसे अधिक स्टूडेंट के लिए जरुरी होता है बचपन से ही उन्हें डिसिप्लिन सिखाया जाता है इसीलिए अनुशासन के ऊपर कई प्रकार के निबंध पढ़ाये जाते है जो निबंध आपको स्कूल में कक्षा Class 1, Class 2, Class 3, Class 4, Class 5, Class 6, Class 7, Class 8, Class 9, Class 10, Class 11, Class 12 के बच्चो को यह पढ़ाये जाते है जिसे आप अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते है |

Essay on Self Discipline in Hindi

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अनुशासित व्यक्ति आज्ञाकारी होता है और उसके पास उचित सत्ता के आज्ञा पालन के लिये स्व-शासित व्यवहार होता है। अनुशासन पूरे जीवन में बहुत महत्व रखता है और जीवन के हर कार्यों में इसकी जरुरत होती है। यह सभी के लिये आवश्यक है जो किसी भी प्रोजेक्ट पर गंभीरता से कार्य करने के लिये जरुरी है। अगर हम अपने वरिष्ठों की आज्ञा और नियमों को नहीं मानेंगे तो अवश्य हमें परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और असफल भी हो सकते हैं।

हमें हमेशा अनुशासन में होना चाहिये और अपने जीवन में सफल होने के लिये अपने शिक्षक और माता-पिता के आदेशों का पालन करना चाहिये। हमें सुबह जल्दी उठना चाहिये, निययमित दिनचर्या के तहत साफ पानी पीकर शौचालय जाना चाहिये, दाँतों को साफ करने के बाद नहाना चाहिये और इसके बाद नाश्ता करना चाहिये। बिना खाना लिये हमें स्कूल नहीं जाना चाहिये।

हमें सही समय पर स्वच्छता और सफाई से अपना गृह-कार्य करना चाहिये। हमें कभी भी अपने माता-पिता की बातों का निरादर, नकारना या उन्हें दुखी नहीं करना चाहिये। हमें अपने स्कूल में पूरे यूनिफार्म में और सही समय पर जाना चाहिये। कक्षा में स्कूल के नियमों के अनुसार हमें प्रार्थना करना चाहिये। हमें अपने शिक्षकों की आज्ञा का पालन करना चाहिये, साफ लिखावट से अपना कार्य करना चाहिये तथा सही समय पर दिये गये पाठ को अच्छे से याद करना चाहिये।

हमें शिक्षक, प्रधानाध्यापक, चौकीदार, खाना बनाने वाले या विद्यार्थियों से बुरा बर्ताव नहीं करना चाहिये। हमें सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिये चाहे वो घर, स्कूल, कार्यालय या कोई दूसरी जगह हो। बिना अनुशासन के कोई भी अपने जीवन में कोई भी बड़ी उपलब्धि प्राप्त नहीं कर सकता। इसलिये अपने जीवन में सफल इंसान बनने के लिये हमें अपने शिक्षक और माता-पिता की बात माननी चाहिये।

अनुशासन का महत्व पर निबंध

अनुशासन मानव जीवन का जरूरी अंग होता है मानव को अपने जीवन के हर क्षेत्र में अनुशासन का पालन करना पड़ता है फिर चाहे वो स्कूल हो , खेल का मैदान हो , घर जा फिर घर के बाहर की जगह इन सभी जगहों पर Discipline का पालन जरूर करना पड़ता है। विश्व का कण कण अनुशासन के सूत्र में बंधा हुआ है। अनुशासन का पालन करके ही प्रगति की जा सकती है

अनुशासन का सही पालन करने वाला इंसान कामयाबी के रास्ते पर बिना रूकावट आगे बढ़ता है तथा अनुशासन की उल्लघन करने वाला सदैव विनाश के रास्ते पर चला जाता है इसीलिए अनुशासन का दूसरा नाम ही जीवन कहलाता है। यह वो पुल होता है जो हमें सफलता के रास्ते पर ले जाता है।

अनुशासन पर चलना थोडा मुश्किल जरूर होता है किन्तु इस पर चलने के बाद मिलने वाला फल बहुत स्वादिष्ट होता है। यह वो डोर होती है जो हमें आकाश की बुलंदियों को छूने में मदद करती है जैसे डोर के बिना पतंग आसमान में उड़ नहीं सकती वैसे ही इस के बिना हम कभी सफल नहीं हो सकते हैं।

जो लोग अपनी जिन्दगी में सफलता की बुलंदियों को छूते हैं वह हमेशा अनुशासन में रहकर ही कार्य करते हैं यह एक ऐसी कडवी दवा है जिसका सामना करके ही हम कामयाब बन सकते हैं। जहां डिसिप्लिन नहीं है वहां जीवन नहीं है जैसे सूर्य समय पर उगता है , मौसम अपने समय पर बदलते रहते हैं यदि ये सभी अपना डिसिप्लिन तोड़ दें तो हमारी पृथ्वी जीने लायक नहीं रहेगी , इसीलिए बात हम सभी प्राणियों पर लागू होती है के किस तरह हम अनुशासन में रहकर अपनी जिन्दगी को निरंतर बिना किसी मुश्किल से जी सकते हैं।

अनुशासन में रहकर मन के अंदर धैर्य और समझदारी का विकास होता है आज हमारे समाज में डिसिप्लिन की सख्त जरूरत है क्योंकि ये जीवन के विकास का जरूरी तत्व है।

Short Essay on Discipline in Hindi

Essay on School Discipline in Hindi

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जीवन के सभी कार्यों में अनुशासन अत्यधिक मूल्यवान है। हमें हर समय इसका पालन करना है चाहे वो स्कूल, घर, कार्यालय, संस्थान, फैक्टरी, खेल का मैदान, युद्ध का मैदान या दूसरी जगह हों। ये खुशहाल और शांतिपूर्णं जीवन जीने की सबसे बड़ी जरुरत है। ये हमें ढेर सारे बड़े मौके देती है, अनुशासन आगे बढ़ने के लिये सही रास्ता देती है, जीवन में सही बातें सीखाती है, कम समय में ज्यादा अनुभव मिलता है आदि। जबकि अनुशासन की कमी की वजह से ढेर सारी दुविधा और गड़बड़ी होती है, अनुशासनहीनता की वजह से जीवन में शांति और प्रगति के बजाय ढेर सारी परेशानी उत्पन्न हो जाती है।

अनुशासन अपने बड़ों, ऑफिस के सीनीयर, शिक्षक, और माता-पिता के हुक्म का पालन करना है जिससे हम सफलता की ओर आगे बढ़ते हैं। हमें नियमों पर चलने की, आज्ञा का पालन करने की और सही तरीके से व्यवहार करने की जरुरत है। हमें अपने जीवन में अनुशासन के महत्व को समझना चाहिये। जो लोग अनुशासनहीन होते हैं वो अपने जीवन में बहुत सारी समस्याओं को झेलते हैं साथ ही निराश भी होते हैं।

अनुशासन ही जीवन है पर निबंध

अनुशासन सफलता की कुंजी है- यह किसी ने सही कहा है । अनुशासन मनुष्य के विकास के लिए बहुत आवश्यक है । यदि मनुष्य अनुशासन में जीवन-यापन करता है, तो वह स्वयं के लिए सुखद और उज्जवल भविष्य की राह निर्धारित करता है । मनुष्य द्वारा नियमों में रहकर नियमित रूप से अपने कार्य को करना अनुशासन कहा जाता है । यदि किसी के अंदर अनशासनहीनता होती है तो वह स्वयं के लिए कठिनाईयों की खाई खोद डालता है । विद्यार्थी हमारे देश का मुख्य आधार स्तंभ है । यदि इनमें अनुशासन की कमी होगी, तो हम सोच सकते हैं कि देश का भविष्य कैसा होगा ।

विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का बहुत महत्व होता है । अनुशासन के द्वारा ही वह स्वयं के लिए उज्जवल भविष्य की संभावना कर सकता है । यदि उसके जीवन में अनुशासन नहीं होगा, तो वह जीवन की दौड़ में सबसे पिछड़ जाएगा । उसकी अनुशासन हीनता उसे असफल बना देगी । विद्यार्थी के लिए अनुशासन में रहना और अपने सभी कार्यो को व्यवस्थित रूप से करना बहुत आवश्यक है । यह वह मार्ग है जो उसे जीवन में सफलता प्राप्त करवाता है ।

विद्यार्थियों को बचपन से ही अनुशासन में रखना चाहिए । अनुशासन में रहने की सीख उसे अपने घर से ही प्राप्त होती है । विद्यार्थी को चाहिए कि विद्यालय में रहकर विद्यालय के बनाए सभी नियमों का पालन करे । अध्यापकों द्वारा पढाए जा रहे सभी पाठों का अध्ययन पूरे मन से करना चाहिए । अध्यापकों द्वारा घर के लिए दिए गए गृहकार्य को नियमित रूप से करना चाहिए । समय पर अपने सभी कार्य करने चाहिए।

विद्यार्थी को चाहिए कि प्रतिदिन प्रात:काल उठकर व्यायाम करे, अध्यापन करे, स्नान आदि करे और विद्यालय के लिए शीघ्र ही तैयार हो जाए । समय पर विद्यालय जाए । घर आकर समय पर भोजन करे, समय पर अध्यापन कार्य और खेलने भी जाए । रात्रि के भोजन के पश्चात समय पर सोना भी विद्यार्थी के लिए उत्तम रहता है । इस तरह का व्यवस्थित जीवन-शैली उसे तरोताजा रखती है और जीवन में स्वयं को सदृढ़ भी रखती है ।

यदि आँखें उठा कर देखा जाए तो अनुशासन हर रूप में विद्यमान है । सूर्य समय पर उगता और समय पर अस्त हो जाता है । जीव-जन्तु भी इसी अनुशासन का पालन करते हुए दिखाई देते हैं । पेड-पौधों में भी यही अनुशासन व्याप्त रहता है । घड़ी की सुई भी अनुशासन का पालन करते हुए चलती है । ये सब हमें अनुशासन की ही शिक्षा देते हैं ।

यदि दृष्टि डाली जाए तो समाज में चारों तरफ अनुशासनहीनता दिखाई देती है । यही कारण है कि देश की प्रगति और विकास सही प्रकार से हो नहीं पा रहा है । यदि विद्यार्थियों में अनुशासन नहीं होगा तो समाज की दशा बिगड़ेगी और यदि समाज की दशा बिगड़ेगी तो देश कैसे उससे अछुता रहेगा ।

हमें चाहिए कि विद्यालयों में अनुशासन पर जोर देना चाहिए । विद्यार्थियों का मन चंचल और शरारती होता है । अनुशासन उनके चंचल मन को स्थिर करता है । यह स्थिरता उन्हें जीवन के सघर्ष में दृढतापूर्वक आगे बढ़ने में सहायक होती है । यह सब अनुशासन के कारण ही संभव हो पाता है ।

An Essay on Student and Discipline in Hindi

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अनुशासन का अर्थ होता है नियमों का सही पालन करना हर इंसान के जीवन में Anushasanअनुशासन का विशेष महत्व है। जो इंसान अनुशासन में नहीं रह सकता वह जीवन का निर्माण कभी नहीं कर सकता । अनुशासन एक ऐसा गुण है जिसकी मनुष्य को जीवन के हर क्षेत्र में जरूरत पडती है घर -परिवार में अनुशासन का विशेष महत्व है बड़ों का आदर करना छोटों से प्यार करना परिवार के अनुशासन के अभिन्न अंग हैं।

इसी प्रकार खेल के मैदान में भी अनुशासन (Anushasan) का विशेष महत्व है खिलाडियों का प्रथम करत्व है के वो अनुशासित होकर खेल खेलें। खेल को खेल की भावना से ही खेलना चाहिए ना के किसी को हानि पहुंचाने के मकसद से।

अनुशासन (Anushasan) की सच्ची शिक्षा हम कुदरत से ले सकते हैं सूर्य और चन्द्रमा समय पर निकलते हैं और समय पर ही डूबते हैं समय पर ही ऋतुएं आती हैं। इसके इलावा पशु -पक्षियों के जीवन में भी अनुशासन देखा जा सकता है पंक्तियों में उड़ते हुए पक्षी और कतार में चलती चींटियां हर एक को अनुशासन में रहने का संदेश देती हैं।

विद्दार्थी जीवन में तो अनुशासन का विशेष महत्व समझा जाता है इसके बिना तो विद्दार्थी जीवन की कल्पना तक नहीं की जा सकती है। यदि विद्दार्थी अनुशासित नहीं होगा तो उसके जीवन का विकास अच्छे तरीके से नहीं हो सकता है जैसे समय का सही उपयोग करना , गुरुओं की आज्ञा का पालन करना और ध्यानपूर्वक पढ़ना आदि हैं। आज का विद्दार्थी अनुशासनहीनता का शिकार हो रहा वह सुख आराम का इच्छुक होता जा रहा है इसीलिए विद्दार्थी में अनुशासनहीनता खत्म करने के लिए शिक्षा में सुधार लाना चाहिए बल्कि शिक्षा की ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए के बच्चा शिक्षा को अपने शरीर का अंग समझे ना के बोझ।

अनुशासन (Anushasan) दो तरह का होता है पहला बाहरी अनुशासन जो व्यक्ति के उपर जबरदस्ती थोपा जाता है यह भय ,शक्ति और सजा पर आधारित होता है और दूसरा आंतरिक अनुशासन वो होता है जो व्यक्ति के अंदर से जागृत होता है बल्कि उस पर थोपा नहीं जाता इसमें नियमों का पालन करना बोझ नहीं समझा जाता।

इसीलिए समाज के कल्याण के लिए जिंदगी में अनुशासन का विशेष महत्व है अनुशासन से ही मनुष्य का पूर्ण विकास संभव है। इसीलिए इससे भागने की वजाय इसका पालन करना सीखें।

Anushasan Par Nibandh Hindi Mein

कैसा शासन बिन अनुशासन पर निबंध

अनुशासन किसी भी कार्य को ठीक ढंग से करने का एक तरीका है। इसके लिये आपके शरीर और दिमाग पर एक नियंत्रण की जरुरत होती है। कुछ लोगों के पास स्व-अनुशासन प्राकृतिक संपत्ति के रुप में होता है जबकि कुछ को इसे अपने अंदर विकसित करना पड़ता है।

अनुशासन में वो दक्षता है कि वो भावनाओं को नियंत्रित कर सकता है और मुश्किलों से पार पाने के साथ ही सही समय पर सही कार्य करने में मदद करता है। बिना अनुशासन के जीवन अधूरा और असफल है। अपने बड़ों और वरिष्ठों का सम्मान करने के द्वारा हमें कुछ नियमों का पालन करना चाहिये।

ये जीवन के सभी कार्यों के लिये एक महत्वपूर्णं यंत्र है चाहे वो घर, कार्यालय, खेल का मैदान या दूसरी जगह हो। अगर हम अनुशासन का पालन न करें तो हमारा जीवन अव्यवस्थित हो जायेगा। इस दुनिया में हर चीज अनुशासित है और अनुशासन के द्वारा संगठित है।

हवा, पानी और जमींन हमें जीवन जीने का रास्ता देते है। ये दुनिया, देश, समाज, समुदाय आदि सबकुछ बिना अनुशासन के असंगठित हो जायेगा क्योंकि सब कुछ अनुशासन पर निर्भर है। अनुशासन एक स्वभाव है जो प्रकृति द्वारा प्रदत्त सभी चीजों में उपस्थित है।

An Essay on Importance of Discipline in Hindi

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अनुशासन एक क्रिया है जो अपने शरीर, दिमाग और आत्मा को नियंत्रित करता है और परिवार के बड़ों, शिक्षकों और माता-पिता की आज्ञा को मानने के द्वारा सभी कार्य को सही तरीके से करने में मदद करता है। ये एक ऐसी क्रिया है जो अनुशासन में रह कर हर नियम-कानून को मानने के लिये हमारे दिमाग को तैयार करती है। हम अपने दैनिक जीवन में सभी प्राकृतिक संसाधनों में वास्तविक अनुशासन के उदाहरण को देख सकते हैं।

सूरज और चाँद का सही समय पर उगना और अस्त होना, सुबह और शाम का अपने सही समय पर आना और जाना, नदियाँ हमेशा बहती है, अभिभावक हमेशा प्यार करते हैं, शिक्षक हमेशा शिक्षा देते है और भी बहुत कुछ। तो फिर क्यों हम अपने जीवन में पीछे हैं, बिना परेशानियों का सामना किये आगे बढ़ने के लिये हमें भी अपने जीवन में सभी जरुरी अनुशासन का पालन करना चाहिये।

हमें अपने शिक्षक, अभिभावक और बड़ों की बातों को मानना चाहिये। हमें उनके अनुभवों के बारे में उनसे सुनना चाहिये और उनकी सफलता और असफलता से सीखना चाहिये। जब भी हम किसी चीज को गहराई से देखना और समझना शुरु करते हैं, तो ये हमें जीवन में महत्वपूर्ण सीख देता है। मौसम अपने सही समय पर आता और जाता है, आकाश बारिश करता है और रुकता है आदि सभी सही समय होती हैं जो हमारे जीवन को संतुलित बनाती है।

इसलिये, इस धरती पर जीवन चक्र को कायम रखने के लिये हमें भी अनुशासन में रहने की जरुरत है। हमारे पास अपने शिक्षक, अभिभावक, पर्यावरण, परिवार, वातावरण और जीवन आदि के प्रति बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं। मानव होने के नाते हमारे पास सोचने-समझने का, सही-गलत के बारे में फैसला करने के लिये और अपनी योजना को कार्य में बदलने के लिये अच्छा दिमाग है। इसलिये, अपने जीवन में अनुशासन के महत्व और जरुरत को जानने के लिये हम अत्यधिक जिम्मेदार हैं।

अनुशासनहीनता की वजह से जीवन में ढेर सारी दुविधा हो जाती है और व्यक्ति को गैर-जिम्मेदार और आलसी बना देता है। ये हमारे विश्वास के स्तर को कम करती है और आसान कार्यों में भी व्यक्ति को दुविधाग्रस्त रखती है। जबकि अनुशासन में होने से ये हमें जीवन के सबसे अधिक ऊंचाईयों की सीढ़ी पर ले जाती है।

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