Poems on National Integration in Hindi

राष्ट्रीय एकता पर कविता – Poems on National Integration in Hindi – Poetry & Poem on National Unity in Hindi Language

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हर व्यक्ति को अपने राष्ट्र के प्रति सम्मान व प्यार होना चाहिए क्योकि जो इंसान अपने राष्ट्र से प्यार करता है वह व्यक्ति देशभक्त कहलाता है | इसीलिए हर व्यक्ति को अपने देश के प्रति राष्ट्रीय एकता बनाये रखनी होती है इसीलिए भारत में हर साल राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर के दिन मनाया जाता है | जिसके लिए भारत के कुछ देशभक्त कवियों द्वारा राष्ट्रीय एकता के ऊपर कविताये लिखी गयी है अगर आप उन कविताओं के बारे में जानना चाहे तो इसके लिए आप हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी को पढ़ सकते है |

Poems in Hindi on National Unity

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मैं नहीं तू, तू नहीं मैं
कब तक चलेगा ये मतभेद
कैसे अनपढ़ हैं कहने वाले
जो देश को सांप्रदायिक सोच देते हैं
फूट डालो और राज करो
कैसे वो ये नारा भुला बैठे हैं
अंग्रेज हो या कोई हमने ही तो अवसर दिया
आपसी लड़ाई में हमने मातृभूमि को गँवा दिया
आज भी उसी सोच के गुलाम हैं हम
खुद ही अपने देश के शत्रु बन रहे हैं हम
फिर से कही मौका न दे बैठे
चलो सुलझाये और आज साथ आकर बैठे

Poems and Quotes on National Integration

राष्ट्रीय एकता है ऐसी भावना
जो लोगों में पैदा करती है सदभावना
हमारा भारत देश है राष्ट्रीय एकता की
जीती जागती मिशाल
मेरा भारत है धर्मों का देश
फिर भी पिरोया हुआ राष्ट्रीय एकता
के सूत्र में यह देश
मेरे देश भारत की शक्ति है
इसकी राष्ट्रीय एकता की पहचान
जब भी मेरे देश की एकता है टूटी
तभी वहां के लोगों की किस्मत है फूटी
अखंडता और शांति को बनाये रखना है जरूरी है
इसीलिए देश के लोगो में राष्ट्रीय एकता है बहुत जरूरी
आईये सभी मिलकर एकता के सूत्र में बंध जाएं
गीले सिक्वे भुलाकर एक दूसरे के गले लग जाएं

राष्ट्रीय एकता पर कविता

Poems in Hindi on National Integration

इस राष्ट्र की एकता को हमेशा बनाए रखें
दिल में इस जज्बे को हमेशा जगाए रखें
एकता के परिवेश में, जब वह रूप हमने पाया
अपना भारत देश ही, सोने की चिड़िया कहलाया
भारत माता के सपूतों क्यों
एक दूसरे पर वार करते हो
क्यों देश की अखंडता को, तार तार करते हो
राष्ट्र के महापुरुषों ने, एकता का प्रचार किया था
सांप्रदायिक विचार का, बहिष्कार किया था
सब में प्रेम बांटना ही, अपनी पहचान होनी चाहिए
इसी धारणा की सभी के मन में
ऊंची आवाज होनी चाहिए
ईश्वर के बच्चों में भेद मत होने दीजिए
हर मजहब एक दिखें, सीख सब को दीजिए!!

Poem on National Integration by Indian Poet

नफरतों का असर देखो
जानवरों का बंटवारा हो गया
गाय हिन्दू हो गयी
बकरा मुसलमान हो गया
मंदिरों में हिन्दू देखे
तो मस्जिदों में मुसलमान
शाम को जब मयखाने गया
तब जाकर दिखे इंसान

Indian National Integration Poem

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देखता हूं जब भी कभी में इन खिलती हुई बहारों को
याद आ जाते हैं वो सपने में स्वर्ग के सभी नज़ारे
मेरा देश है बड़ा विशाल इसमें तो हैं सभी ही सितारे
हैं कहीं विशाल पर्वत तो कहीं हैं नदियां नालें
यहां वसतें हैं ऐसे जवान गाती है दुनिया जिनके गुणगान
है नहीं किसी की हिम्मत जो कर सकें उनका अपमान
यहां है भाषा अलग अलग और पहनावा है अलग अलग
फिर भी अपने देश के प्रति उठती है उनमें उमंग
कितना विशाल है मेरा देश यह देखकर होता है मुझे मान
मेरी सदा यही है कामना वसदा रहे मेरा देश भारत महान

Poem on Rashtriya Ekta in Hindi

राष्ट्र की एकता ही हैं उसका आधार
न थोपों उस पर सांप्रदायिक विचार
क्यूँ करते हो भेद ईश्वर के बन्दों में
हर मज़हब सिखाता हैं प्रेम बाँटो सब में
क्यूँ करते हो वैचारिक लड़ाई
बनता हैं यह भारत माँ के लिए दुखदाई
एक भूमि का टुकड़ा नहीं हैं मेरा देश
मेरी माँ का हैं यह सुंदर परिवेश
इसके उद्धार में ही हैं अलौकिक प्रकाश
सबके साथ में ही हैं सबका विकास
एकता ही हैं अंत दुखों का
एकता में ही हैं कल्याण अपनों का

Poetry & Poem on National Unity in Hindi Langauge

Hindi Poems on Unity in Diversity – Poem on Indian Unity in Hindi

भारत माता की बगिया में,
नये नये फिर फूल खिलायें.
मधुर सुगंध बहा कर इनकी,
सारा जग फिर से महकायें.
अपने घर के सारे झगड़े,
आपस में मिल कर सुलझायें.
शक्ति एकता में कितनी है,
यह रहस्य सबको समझायें.
सत्य न्याय के पाठ पर चलना,
निज जीवन आदर्श बनायें.
जीवन संघर्षों से लड़ना,
जन जन को फिर से सिखलायें.
ज्ञानदीप की ज्योति जला कर,
एक नया विश्वास जगायें.
मानव में फिर मानवता भर,
मानव को आदर्श बनायें.
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
सब भाई भाई बन जायें.
अपने अपने भेद भूला कर,
आओ मिल कर देश बनायें.

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