सफलता पर कविता

सफलता पर कविता – Inspirational & Motivational success Poems In Hindi Language

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हर इंसान अपने जीवन में सफलता पाना चाहता है वह इंसान चाहता है की वह जो भी जैसा भी काम करे उसे उस अपने उस काम में सफलता हासिल हो | इसीलिए हमारे देश के कुछ महान कवियों व शायरों द्वारा कुछ बेहतरीन कविताये व पोयम्स लिखी है जो जिनके माध्यम से हम सफल होने के लिए प्रेरित हो सकते है | अगर आप उन कविताओं के बारे में जानना चाहते है तो इसके लिए आप हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी को पढ़ सकते है तथा अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते है |

Short Poems On Success In Hindi

अगर आप सफलता पर बधाई, तरक्की पर शायरी, सफलता पर बधाई सन्देश, मेहनत पर कविता, सफलता पर बधाई शायरी, कामयाबी शायरी इन हिंदी तथा सफलता की बधाई संदेश इन हिंदी के बारे में जानना चाहे तो यहाँ से जाने व उन्हें Facebook तथा WhatsApp पर शेयर भी कर सकते है :

ना जाने कौन दे गया ये मौका मुझे,
आज फिर वो सफलता का रास्ता मुझे नज़र आया है।
एक कदम आज फिर उस सफलता की ओर उठाने का मन मे ख्याल आया है।
ना जाने क्या जकड़ा हुआ है इन जंजीरों ने मुझे,
आज फिर इन जंजीरों को तोड़ने का मन में ख्याल आया है।
कितनी देर चल पाऊँगा उस रास्ते पर मैं, ये सोच कर मन मेरा डगमगाया है।
लेकिन एक कदम सफलता की ओर बढ़ाने का मन मे ख्याल आज फिर से आया है।
मैं जानता हूँ उस रास्ते पर मुश्किलें बहुत होगी,
पर ना जाने हर मुश्किल का सामना करने का हौसला मैने पाया है।
आज फिर न जाने एक कदम सफलता के ओर बढ़ाने का मन मे ख्याल आया है।
जब होगा मुश्किलों से सामना, तब ना डगमगाने दूंगा ये कदम।
दूर होगी हर मुश्किलें देखकर मेरे बढ़ते हुए कदम।
चुम लूंगा उस सफलता के शिखर को एक दिन,
क्योंकि आज फिर से मैंने सफल होने का एक मौका ओर पाया है।
ये मौका मैं ना दूंगा खोने ये ख्याल मन मे उठ आया है।
आज फिर सफलता के और एक कदम मैंने बढ़ाया है।

Successful Poems In Hindi

सफलता की शायरियो को जानने के लिए आप Hindi, English, Urdu, Marathi, Punjabi, Gujarati, Malyalam, Tamil, Telugu, Bengali, Kannad, Hariyanvi भाषा (Language व Font) में जानने के लिए यहाँ से देख सकते है :

एक रचनाकार हूँ,
निर्माण करने में लगा हूँ।
मैं व्यथा का सोलहों-
सिंगार करने में लगा हूँ।
यह कठिन है काम लेकिन,
श्रम अथक अविराम लेकिन।
इस थकन में ही सृजन की मैं सबलता खोज लूँगा।
मैं घने अवसाद में अपनी सफलता खोज लूँगा!
फूल की पंखुड़ियों पर,
चैन से तुम सो न पाए।
जग तुम्हारा हो गया पर,
तुम किसी के हो न पाए।
तुम अधर की प्यास दे दो,
या सुलगती आस दे दो।
मैं हृदय की फाँस में अपनी तरलता खोज लूँगा,
मैं घने अवसाद में अपनी सफलता खोज लूँगा!
रात काली है मगर यह,
और गहरी हो न जाए।
फिर तुम्हारी चेतनायें,
शून्य होकर खो न जाए।
इसलिए मैं फिर खड़ा हूँ,
स्याह रातों से लड़ा हूँ।
मैं तिमिर में ही कहीं, सूरज निकलता खोज लूँगा।
मैं घने अवसाद में अपनी सफलता खोज लूँगा!

Success Poetry in Hindi

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लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती
डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती
असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम
संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

Motivational

Best, Inspirational Poems In Hindi On Success

मंजिल
बढ़ता चल तू ऐ मुसाफिर
मंजिल तेरे निकट होगी
हौसला रख दिल में अपने
ख्वाहिशे तेरी पूरी होगी
संकल्प ले यदि मन में अपने
उत्साह कभी ना कम होंगे
बढ़े थे, बढ़े हैं और बढ़ते रहेंगे
हर बेडी़यो को तोड़ते रहेंगे
अगर दूर दिखती हो तेरी मंजिल
सब्र कर तू कभी गम ना कर
झोपड़ी से महल यदि है तुझको बनाना
तो कोशिश को अपने कभी कम ना कर
बड़ा चल बड़ा चल तू हर क्षण बढ़ा चल
तेरी मंजिल मिलेगी कभी ना कभी
विश्वास रख तू खुदा पर अपने
ख्वाइश तेरी पूरी होगी
बढ़ता चल तू ऐ मुसाफिर
मंजिल तेरे निकट होगी

कामयाबी की कविता – सफलता की कविताएँ

वही सफल इन्सान बन सका।
जो अतीत में जी भर जीकर ,बिखरी आशाएं समेटकर ,
असफलताओं की प्रताड़ना में ,खुद का निर्माण कर सका।
वही सफल इन्सान बन सका।
जिसने खुद पर किया भरोसा ,बना उसी का भाग्य अनोखा ,
साहस और हिम्मत के बल पर ,स्वयं शक्ति पहचान कर सका।
वही सफल इन्सान बन सका।
सपना नहीं चुनौती जीवन,दृढ़ विचार रखता जो प्रति क्षण,
टूटे सपने जोड़-जोड़ कर ,सपनों का सम्मान कर सका।
वही सफल इन्सान बन सका।
यद्यपि जीवन रहा चुनौती, हार नहीं माना जो फिर भी ,
असफलताएँ भी हैं प्रेरणा, ऐसा जो अनुमान कर सका।
वही सफल इंसान बन सका।
पग- पग मिलती रही विफलता ,प्रति क्षण फिर भी आगे बढ़ता,
अनुभव की कड़वाहट में जो ,अगम लक्ष्य संधान कर सका।
वही सफल इंसान बन सका।

सफलता और असफलता पर कविता

समय तो लगता है,
शिखर पे जाने में
समय तो लगता है
शिखर पे जाने में
पंछी को उड़ने में
चींटी को चढ़ने में
महल बनाने में
घर सजाने में
सागर में जाके
मोती निकालने में
समय तो लगता है
शिखर पे जाने में
कविता बनाने में
अलंकार सजाने में
रस को दिखाने में
छन्द सजाने में
अच्छा कवि बनने में
लोकप्रिय होने में
समय तो लगता है
शिखर पे जाने में
साज बनाने में
संगीत सजाने में
दिल में उतरने में
प्रेम जगाने में
शिक्षा ग्रहण करने में
अच्छे विचारक बनने में
समय तो लगता है
शिखर पे जाने में
घडा़ बनाने में
परिपक्वता लाने में
नयी खोज करने में
मूल्यता दिलाने में
गिरे हुए पत्थर को
मूर्ति बनाने में
समय तो लगता है
शिखर पे जाने में
होना निराश कभी
प्राणी तू जग में
क्योकि समय तो लगता है
समय बदलने में
बंजर धरती में
फसल उगाने में
समय तो लगता है
शिखर पे जाने में

Inspirational

सफलता पर बधाई कविता

जीवन सफल वही होता है।
उछल-उछल जो सर्वनाश की टक्कर पर टक्कर सहता है।
नंगी खड्ग धार की अपने सीने पर चोटें सहता है॥
चाह नहीं, परवाह नहीं, कुछ आह नहीं, जिसके अंतर में।
चाहे आफत, महा प्रलय के, सौ तूफान उठें क्षण भर में॥
टुकड़े हों बोटी बोटी के, रोटी के पड़ जायें लाले।
कभी न लौटे निज मंजिल से और न भिक्षा-पात्र संभाले॥
किसी देश द्रोही के आगे, अपना मस्तक जो न झुकाये।
किसी खून के प्यासे को जो कभी न अपना खून पिलाये॥
देख!देख!! गढ्ढे का पानी सावन का बादल होता है।
जीवन सफल वही होता है॥

तुम मुझे दुख-दर्द की सारी विकलता सौंप देना,
मैं घने अवसाद में अपनी सफलता खोज लूँगा!
मैं सफ़र में चल पड़ा हूँ,
दूर जाऊँगा समझ लो।
व्यर्थ है आवाज़ देना,
आ न पाऊँगा समझ लो।
जोगियों से मन लगाना,बधाई
छोड़ दो मुझको बुलाना।
राह में दुश्वारियाँ हो. . . मैं सरलता खोज लूँगा,
मैं घने अवसाद में अपनी सफलता खोज लूँगा!

Safalta Kavita In Hindi

पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो,
मत डरो किसी मुसीबत से
अपने हौंसले को फौलाद करो,
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।
आजाद करो उन ख्यालों से
जो आगे न तुम्हें बढ़ने देते
जो कहीं बढाते कदम हो तुम
तो हर पल ही तुमको रोकें,
मत डरो विचार नया है जो
उसी विचार को अपनी बुनियाद करो
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।
आजाद करो उन रिवाजों से
जो बेड़ियाँ पाँव में हैं डाले
तोड़ दो उन दीवारों को
जो रोकते हैं सूरज के उजाले,
जिसे देखा न हो दुनिया ने
तुम ऐसा कुछ इजाद करो
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।
आजाद करो उन लोगों से
जो तुम्हें गिराने पर हैं तुले
ऐसे लोगों की संगती से
कहाँ है किसी के भाग्य खुले,
जो करना है वो खुद ही करो
न किसी से तुम फ़रियाद करो
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।
आजाद करो उन राहों से
किसी मंजिल पर जो न पहुंचे
वहां पहुँच कर क्या करना
जहाँ लगते न हो हम ऊँचें,
यूँ ही व्यर्थ की बातों में तुम
न अपना समय बर्बाद करो
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो,
मत डरो किसी मुसीबत से
अपने हौंसले को फौलाद करो,
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।

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