होली का त्योहार का इतिहास

होली क्यों मनाई जाती है – होली का त्योहार का इतिहास – Why Holi is Celebrated in Hindi

Posted by

होली का त्योहार एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार माना जाता है जो कि हिंदू धर्म के लोगों द्वारा मनाया जाता है | हिंदू त्योहार होने के बावजूद भी यह त्यौहार हिंदुस्तान यानि भारत में बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि होली किस उपलक्ष में मनाई जाती है ? होली मनाने का क्या कारण है ? यदि आप इसके बारे में जानना चाहे तो इसके लिए आपको होली के इतिहास व होली की कथा के बारे में जानकारी प्राप्त करना अनिवार्य है इसके बारे में जानकारी हम आपको बताते हैं |

होली कितनी तारीख को है – तिथि

होली को रंगों का त्योहार भी कहा जाता है यह हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है हिंदू पंचांग के अनुसार फागुन का महीना वर्ष का अंतिम महीना माना जाता है | लेकिन अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार होली की तारीख हर बार अलग अलग होती है उसी तरह साल 2018 छोटी होली 1 मार्च तथा बड़ी होली जिस दिन रंगों से होली खेलते हैं वह 2 मार्च को मनाई जाएगी |

होली दहन का समय – शुभ संयोग, मुहूर्त

पूर्णिमा के दिन ही होलिका दहन किया जाता है इस दिन भद्रा कल के बाद ही होलिका दहन किया जाता है 1 मार्च को 8.57 मिनट पर पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी जिसमे की भद्रा काल शाम को 7.40 मिनट तक रहेगा | इसीलिए 1 मार्च को 7.40 मिनट के बाद भी अगले दिन सुबह 6.18 मिनट तक कभी भी आप होलिका दहन कर सकते है |

होली कैसे मनाते है – होली कैसे मनाये –

होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन ही मनाई जाती है जिसमे की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है | उसके अगले दिन हम रंगों से होली होली, लट्ठमार खेलते हैं रंगों व गुलालों को अपने बड़ों और छोटों के गालों पर लगाते हैं तथा अपने अपने अंदाज जैसे होली की शायरियो, होली पर कविताओं तथा होली की शुभकामनाये सन्देश के माध्यम से इस दिन की बधाई देते है |

होली मनाने की विधि – होली मनाने का ढंग

इस दिन सभी लोगों के घर में खास पकवान जैसे की भुजिया, पापड़ और भी अन्य प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन बनते हैं जिसमें कि भांग तथा अन्य नशे कि कुछ वस्तुएं भी उपलब्ध होती है | माना जाता है कि होली को नशेबाजों के त्यौहार के रूप में भी मनाया जाता है इस दिन पूरे भारतवर्ष में अवकाश रहता है इस दिन हम अपने बड़ों के पैर छूकर तथा छोटे लोगों तथा अपने साथियों को गले मिलकर भी इस दिन की बधाई देते हैं | इस दिन बच्चो को स्कूल में होली निबंध भी पढ़ाया जाता है |

होली क्यों मनाई जाती है

Holi Itihas In Hindi

Why Holi Is Celebrated In India In Hindi : महादानव हिरण कश्यप जो कि प्राचीन भारत का एक महादानव राजा था जो कि एक राक्षस की भांति दिखता था | उसके छोटे भाई को भगवान विष्णु ने मृत्यु दी थी जिसकी वजह से उसने अपने भाई की मृत्यु का बदला लेने के लिए भगवान विष्णु से प्रतिशोध किया | जिसके लिए उसने भगवान विष्णु के समान ताकत पाने के लिए सालों तक प्रार्थना की जिसके फलस्वरुप उसे वरदान प्राप्त हुआ – उसने मांगा कि उसे इस पृथ्वी पर कोई भी नहीं मार सके ना दिन में, ना रात में, ना घर में, ना बाहर, ना मानव, ना पशु, ना कोई अस्त्र, ना कोई शस्त्र जिसकी वजह से वह खुद को भगवान समझने लगा था |

होली पर्व का इतिहास

Why Holi Festival Is Celebrated In Hindi : हिरण कश्यप के पुत्र का नाम प्रहलाद था जो कि भगवान विष्णु का एक परम भक्त था भगवान विष्णु के भक्त होने के कारणवश हिरणकश्यप भी उससे नफरत करने लगा था जिसकी वजह से उसने कई बार अपने पुत्र को समझाया भी कि वह भगवान विष्णु की भक्ति छोड़ दे लेकिन ऐसा नहीं हुआ | उसने कई बार अपने पुत्र को मारने की साजिश रखी लेकिन वह हर बार नाकाम रहा |

होली का महत्व – होलिका कौन थी

Why Celebrate Holi In Hindi History : होलिका जोकि हिरण्यकश्यप की बहन थी उसे यह वरदान प्राप्त था कि उसे है आग में जलकर राख नहीं हो सकती | जिसकी वजह से हिरण कश्यप ने प्रहलाद को मारने के लिए होलिका को भेजा और कहा कि वह प्रह्लाद को गोदी में लेकर आग पर बैठ जाए | इस तरह से जब होलिका ने अपनी गोद में प्रहलाद को रखा और वह आग में बैठी तब भक्त प्रह्लाद ने भगवान विष्णु का आह्वान किया जिसकी वजह से भक्त प्रहलाद तो बच गया लेकिन होलिका जलकर राख हो गई | इसकी वजह से हम इस दिन को बुराई के नष्ट होने का प्रतीक मानते हैं | उसके बाद भगवान विष्णु ने हिरण कश्यप का वध कर दिया था इसी वजह से होलिका दहन इसी कथा का एक हिस्सा माना जाता है जिसे पूरे भारतवर्ष में पूरे श्रद्धा के साथ मांगते हैं |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *