होली पर कविताएं

होली पर कविताएं 2018 – Holi Poems In Hindi – होली मुबारक, शुभकामनाएं, बधाई, बाल, हास्य, स्पेशल, छोटी कविता

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होली पोएम इन हिंदी : होली का त्यौहार हिन्दू धर्म में बहुत महत्व रखता है तथा इस त्यौहार से कई तरह की धार्मिक मान्यताये भी जुडी हुई है जिसकी वजह से इस त्यौहार को मनाया जाता है | होली हर साल मार्च के महीन में पड़ती है छोटी होली के दिन होलिका दहन किया जाता है उसके बाद बड़ी होली को रंगो व गुलाल के साथ होली खेली जाती है | इसीलिए कई स्कूल में कक्षा Nursery, KG, 1st, 2nd, 3rd, 4th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th, 11th, 12th के बच्चो को होली के ऊपर कविताएं भी पढ़ाई जाती है जिन्हे जानने के लिए आप यहाँ से जानकारी पा सकते है |

होली पर बाल कविता

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होली खेलें चारों भाई, अवधपुरी के महलों में…
अंगना में कई हौज बनवाये, भांति-भांति के रंग घुलाये.
पिचकारी भर धूम मचाएं, अवधपुरी के महलों में…
राम-लखन पिचकारी चलायें, भारत-शत्रुघ्न अबीर लगायें.
लखें दशरथ होएं निहाल, अवधपुरी के महलों में…
सिया-श्रुतकीर्ति रंग में नहाई, उर्मिला-मांडवी चीन्ही न जाई.
हुए लाल-गुलाबी बाल, अवधपुरी के महलों में…
कौशल्या कैकेई सुमित्रा, तीनों माता लेंय बलेंयाँ.
पुरजन गायें मंगल फाग, अवधपुरी के महलों में…
मंत्री सुमंत्र भेंटते होली, नृप दशरथ से करें ठिठोली.
बूढे भी लगते जवान, अवधपुरी के महलों में…
दास लाये गुझिया-ठंडाई, हिल-मिल सबने मौज मनाई.
ढोल बजे फागें भी गाईं,अवधपुरी के महलों में…
दस दिश में सुख-आनंद छाया, हर मन फागुन में बौराया.
‘शान्ति’ संग त्यौहार मनाया, अवधपुरी के महलों में…

Holi Par Kavita In Hindi

अगर आप होली की बधाई, शुभकामनाये, बधाई संदेश व शायरियां Hindi, Urdu, Punjabi, Marathi, Gujarati, Tamil, Telugu, Nepali, Kannad, Malyalam, Sanskrit, Bengali Bhojpuri सभी तरह की भाषाओ (language व Font) में जानना चाहे जिसमे की आपको HD 3D Images, Wallpapers, Photos, Pics, Pictures, Greetings भी मिलते है व Two Lines Shayari के साथ हर साल 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 के लिए कविताएं  मिलती है जिन्हे आप Facbook WhatsApp व Instagram पर शेयर भी कर सकते है :

आओ बच्चों इस होली में
कुछ नवीन कर डालें,
ऊँच-नीच, निर्बल सबको हम
अपने गले लगा लें।
जिनके पास नहीं कुछ भी है
उनको भी हम रंग दें,
मित्र बना करके उन सबको
हम टोली का संग दें ।
खाते नहीं मिठाई, गुझिया
कुछ उनको भी बांटे,
प्रेम प्रीत का सबक सिखाएं
न दुत्कारे-डांटे।
यह संदेश होलिका माँ का
द्वार-द्वार पहुंचाएं,
जीवन जीते परहित में
वही महान कहलाए।

होली पर हिंदी कविता

देखो-देखो होली है आई
चुन्नू-मुन्नू के चेहरे पर खुशियां हैं आई
मौसम ने ली है अंगड़ाई।
शीत ऋतु की हो रही है बिदाई
ग्रीष्म ऋतु की आहट है आई
सूरज की किरणों ने उष्णता है दिखलाई
देखो-देखो होली है आई।
बच्चों ने होली की योजना खूब है बनाई
रंगबिरंगी पिचकारियां बाबा से है मंगवाई
रंगों और गुलाल की सूची है रखवाई
जिसकी काका ने अनुमति है नहीं दिलवाई।
दादाजी ने प्राकृतिक रंगों की बात है समझाई
जिस पर सभी बच्चों ने सहमति है जतलाई
बच्चों ने खूब मिठाइयां खाकर शहर में खूब धूम है मचाई
देखो-देखो होली है आई।
होली ने भक्त प्रहलाद की स्मृति है करवाई
बच्चों और बड़ों ने कचरे और अवगुणों की होली है जलाई
होली ने कर दी है अनबन की सफाई
जिसने दी है प्रेम की जड़ों को गहराई।
बच्चों! अब है परीक्षा की घड़ी आई
तल्लीनता से करो पढ़ाई वरना सहनी पड़ेगी पिटाई
अथक परिश्रम, पुनरावृत्ति देगी सफलता
अपार जन-जन की मिलेगी बधाई
होगा प्रतीत ऐसा होली-सी खुशियां हैं फिर लौट आई
देखो-देखो होली है आई।

होली मुबारक

होली पर छोटी कविता

समय समय की बात है होली आज है कल भी होती थी
आज इन्टरनेट से बधाईयां देते कल थे देते लगा रंगों की
कल की बात है जैसे पडोसी होता होली पर आने पर खुश
आज की बात करें, पडोसी सोचे क्यों आये ये दिखे नाखुश
मैल मिलाप अब दूर का ही लगता अच्छा सोचे बच्चा बच्चा
लगा दिया थोड़ा रंग तो देखे ऐसे, जैसे जायेगा चबा कच्चा
त्यौहार नहीं मनाओगे तो संस्कार सब में कहाँ से आएंगे
अब तो सब त्यौहार फेसबुक व्हाट्सएप्प पर ही मनाएंगे
समय आएगा कुछ समय में ऐसा होली हो जाएगी गुम
होली दिखेगी फोटो में ढूंढेंगे उसे गूगल में मिल हम तुम
निकलो बताओ मनाओ सिखाओ होली है ऋतू का आगमन
मिलन का त्यौहार है, मनाओ मिलकर अभी सब अपना मन

Happy Holi Poem

अगर आप होली के दिन किसी को भी होली की बधाई कविताओं या होली की शायरियो के माध्यम से देना चाहो जैसे Family में Best Friends, Couples, Him/her, Husband/Wife, Girlfriend/Boyfriend, GF/BF, Sister/Brother, Mother/father, Mom/Dad को तो यहाँ से दे सकते हो :

करो आतंकियों पर वार अबकी बार होली में.
न उनको मिल सके घर-द्वार अबकी बार होली में.
बना तोपोंकी पिचकारी चलाओ यार अब जी भर.
निशाना चूक न पाए, रहो गुलज़ार होली में.
बहुत की शांति की बातें, लगाओ अब उन्हें लातें.
न कर पायें घातें कोई अबकी बार होली में.
पिलाओ भांग उनको फिर नचाओ भांगडा जी भर.
कहो बम चला कर बम, दोस्त अबकी बार होली में.
छिपे जो पाक में नापाक हरकत कर रहे जी भर.
करो बस सूपड़ा ही साफ़ अब की बार होली में.
न मानें देव लातों के कभी बातों से सच मानो.
चलो नहले पे दहला यार अबकी बार होली में.
जहाँ भी छिपे हैं वे, जा वहीं पर खून की होली.
चलो खेलें ‘सलिल’ मिल साथ अबकी बार होली में.

Holi Par Hasya Kavita – Holi Poems In Hindi Funny Comedy

होली खेलें सिया की सखियाँ,
जनकपुर में छायो उल्लास….
रजत कलश में रंग घुले हैं, मलें अबीर सहास.
होली खेलें सिया की सखियाँ…
रंगें चीर रघुनाथ लला का, करें हास-परिहास.
होली खेलें सिया की सखियाँ…
एक कहे: ‘पकडो, मुंह रंग दो, निकरे जी की हुलास.’
होली खेलें सिया की सखियाँ…
दूजी कहे: ‘कोऊ रंग चढ़े ना, श्याम रंग है खास.’
होली खेलें सिया की सखियाँ…
सिया कहें: ‘ रंग अटल प्रीत का, कोऊ न अइयो पास.’
होली खेलें सिया की सखियाँ…
सियाजी, श्यामल हैं प्रभु, कमल-भ्रमर आभास.
होली खेलें सिया की सखियाँ…
‘शान्ति’ निरख छवि, बलि-बलि जाए, अमिट दरस की प्यास.
होली खेलें सिया की सखियाँ…

Holi Ke Poem In Hindi

निकल पड़ी मद-मस्त ये टोली,
सबकी जुबाँ पे एक ही बोली
फिर से सजेगी रंग की महफिल,
प्यार की धारा बनेगी होली|
होली के ओजार कई हैं, जोड़ने वाले तार कई हैं
रंग बिरंगे बादल से होने वाली बोछार कई है
पिचकारी का ज़ोर क्या कम है, बन्दूक में ही रहने दो गोली
फिर से सजेगी रंग की महफिल, प्यार की धारा बनेगी गोली|
कब तक रूठे रहोगे तुम, बोलो कुछ क्यों हो गुमसुम
तुमको रंग लगाने में लगता कट जाएगी दुम
कड़वाहट की कैद से निकलो; अब तो बन जाओ हमजोली
फिल से सजेगी रंग की महफिल, प्यार की धारा बनेगी होली|
मन में नहीं कपट छल हो, ऊँचा बहुत मनोबल हो
होली के हर रंग समेटे दिल पावन गंगाजल हो
अंतर मन भी स्वच्छ हो पूरा, सूरत अगर है प्यारी भोली
फिर से सजेगी रंग की महफिल, प्यार की धारा बनेगी होली|
निकल पड़ी मद-मस्त ये टोली,
सबकी जुबाँ पे एक ही बोली
फिर से सजेगी रंग की महफिल,
प्यार की धारा बनेगी होली|

होली पर बाल कविता

Holi Ki Poem

होली है भाई होली है
मौज मस्ती की होली है
रंगो से भरा ये त्यौहार
बच्चो की टोली रंग लगाने आयी है
बुरा ना मानो होली है
होली है भाई होली है
एक दूसरे हो रंग लगाओ
मन की कड़वाहट को छोड़ो
सब मिल के खुशियां मनाओ
अपनी परंपरा कभी न छोड़ो
बुरा ना मानो होली है
होली है भाई होली है
होलिका दहन का मतलब समझो
हिरणकश्यप के दंभ को तोड़ो
भक्त प्रह्लाद को रखना याद
कभी न छोड़ना सच का साथ
बुरा ना मानो होली है
होली है भाई होली है

Holi Festival Poem – होली पर रोमांटिव कविता

पहले साल की होली में
मुझको तुझसे प्यार हुआ
अगली होली में जाकर
उस प्यार का फिर इजहार हुआ,
भूल गया था फिर तो मैं
अपने जीने का ढंग
याद आते हैं बिताये थे, पल जो तेरे संग
वो फाल्गुन की मस्ती वो होली के रंग।
बातें उसके संग होने लगी
दिल में कई उम्मीदें जगीं
पर न जाने मेरे प्यार को क्यों
कैसे किसकी नजर लगी,
कट गयी डोर प्यार की बन गया
मैं तो कटी पतंग
याद आते हैं बिताये थे, पल जो तेरे संग
वो फाल्गुन की मस्ती वो होली के रंग।
झट साल बीतते चले गए
कभी तू था मेरे पास
तू ही तो मेरा अपना था
एक तू ही था मेरा विश्वास,
तेरे दूर यूँ जाने से मेरी
सब खुशियाँ हुयीं बेरंग
याद आते हैं बिताये थे, पल जो तेरे संग
वो फाल्गुन की मस्ती वो होली के रंग।

होली पर मजेदार हास्य व्यंग्य कविताएँ

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तू अपने रंग में रंग दे श्यामा
संसार के रंग फीके दिखे
जो तेरा प्रेम मिल जाये श्यामा
जीवन रस रंग भर भर दिखे
संसार के रंग बहुत देखे
तारों से सजा अम्बर देखा
जो तेरे रंग का हुआ अहसास
सारे रंग मोहे फीके दिखे
तू अपने रंग में रंग दे श्यामा
संसार के रंग फीके दिखे
राधा ने रंग दी प्रेम रास रंग में
मीरा ने रंग दी भक्ति में
द्रौपदी की मित्रता के रंग भी देखे
पर अपनी चुनरिया फीकी दिखे
तू अपने रंग में रंग दे श्यामा
संसार के रंग फीके दिखे

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