Poem (कविता)

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कविता – Women’s Day Poem In Hindi

Women's day poems in marathi
Written by abhay

Women’s Day 2019: राजनीतिक, समुदाय और व्यापारिक नेताओं, साथ ही प्रमुख शिक्षकों, अन्वेषकों, उद्यमियों और टेलीविजन हस्तियों सहित विभिन्न महिलाओं को आम तौर पर दिन के विभिन्न कार्यक्रमों में बोलने के लिए आमंत्रित किया जाता है। तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की घटनाओं को दुनिया भर में 8 मार्च को आयोजित किया जाता है। इन घटनाओं में दिए गए संदेश अक्सर विभिन्न विषयों जैसे नवाचार, मीडिया में महिलाओं के चित्रण, या शिक्षा और कैरियर के अवसरों के महत्व पर केंद्रित होते हैं। इस तरह के आयोजनों में सेमिनार, सम्मेलन, लंच, डिनर या ब्रेकफास्ट शामिल हो सकते हैं।

Happy women’s day poem

international women’s day 2019 theme: इस बार की महिला दिवस की थीम है #BalanceforBetter. 

शक्ति जो दुनिया को आप में दिखाई देती है,
मेरी नजर से देखें तो मुझे आप में दिखाई देता है समर्पण,
समर्पण प्यार का, समर्पण दुलार का, समर्पण सेवा का,
करुणा, दया, संरक्षण, परवाह, सादगी दूजे नाम हैं आपके,
आपका स्पर्श जीवन में विश्वास जगाता है,
मन को चंदन और कर्म को पानी बनाता है,
आपका वेग तपते मन को ठंडी बौछारों से भिगोता है,

कठिन राह से थकी रगों में नया रक्त दौड़ने लगता है,
अंधेरों में सिमटी जिंदगियों को आप योद्धा बनाते हैं,
नई राहें दिखाते हैं, सींचते हैं, निखारते हैं,
हम ऋणी हैं आपके प्यार के,
हम कर्जदार हैं आपके दुलार के,
हम आभारी हैं आपके समर्पण के,
आज नारी शक्ति का दिन है,
धन्यवाद है हर नारी का इस संसार में,

हर रूप में मां, बहन, बेटी, पत्नी, सखा, प्रेमिका, शिक्षिका और कई-कई रूप,
नारी जो स्वच्छ बहता पानी है, जो हर रूप में, हर स्थिति में ढल जाती है,
जिसके बिना जीवन अधूरा है, प्यासा है,
नारी जिससे यह सृष्टि तृप्त होती है, जो जीवन आधार है,
संसार में भगवान का भेजा हुआ साक्षात रूप है नारी,
प्रकृति का दूजा नाम जिसे देवों ने भी सर्वस्व स्थान दिया है,
शक्ति का मान, नारी क्यों आज तरसे है अपने ही सम्मान को?

स्वयं को पहचान, तुझ में शक्ति अपार है,
स्वयं को नमन कर और आगे बढ़ चल,
ठोकर मार उसे जो तेरा सम्मान करना न जाने,
बढ़ चल, बढ़ चल, नई राहें तेरा रस्ता तके हैं,
तेरे आंचल में हैं अपार खुशियां

Women’s day poems in english

It’s the day to celebrate
It’s the day to think
For all that the world have done
To the charming colour pink

They blocked off her way
They chased her that day
They stormed all her life
Her blurred eyes did say

An unarmed woman
With self arrested courage
They pulled down her confidence
With their harsh and sharp image

They found her so helpless
They made her to cry
They turned her life to hell
And forced her to die

But let me say a word
A word full of hope
She made her way out
And learned how to cope

A woman, a mother, a wife
With patience she strives
Caring, bearing and working
Still struggling with life…

Women’s day poems in marathi

Women's day poems in english

हा दिवस साजरा करायचा दिवस आहे
विचार करण्याचा दिवस आहे
जगातील सर्व गोष्टींसाठी
मोहक रंग गुलाबी करण्यासाठी

त्यांनी तिच्या मार्गावर रोखले
त्यांनी त्या दिवशी त्याचा पाठलाग केला
त्यांनी तिचा संपूर्ण आयुष्य उधळला
तिचे डोळे धूळले

निर्मल स्त्री
स्वत: अटक हिम्मत सह
त्यांनी आपला आत्मविश्वास ओलांडला
त्यांच्या कठोर आणि धारदार प्रतिमेसह
त्यांना तिला इतके असहाय्य वाटले
त्यांनी तिला रडणे केले
त्यांनी आपले जीवन नरकात बदलले
आणि तिला मरण्यासाठी भाग पाडले

पण मला एक शब्द बोलू द्या
आशा पूर्ण शब्द
तिने मार्ग काढला
आणि कसे तोंड द्यावे हे शिकले

एक स्त्री, एक आई, एक बायको
सहनशीलतेने ती प्रयत्न करते
काळजी घेणे, कार्य करणे आणि कार्य करणे
अद्याप जीवनाशी लढत आहे …

Women’s day poem in punjabi

ਇਹ ਮਨਾਉਣ ਦਾ ਦਿਨ ਹੈ
ਇਹ ਸੋਚਣ ਦਾ ਦਿਨ ਹੈ
ਸੰਸਾਰ ਨੇ ਜੋ ਕੁਝ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਉਸ ਲਈ
ਗਰਮ ਰੰਗ ਦੇ ਗੁਲਾਬੀ ਨੂੰ

ਉਹ ਆਪਣੇ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਉਸ ਦਿਨ ਦਾ ਪਿੱਛਾ ਕੀਤਾ
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਸਾਰਾ ਜੀਵਨ ਤੂਫਾਨ ਕੀਤਾ
ਉਸਦੀਆਂ ਧੁੰਦਲੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ

ਇੱਕ ਨਿਰਮਿਤ ਔਰਤ
ਸਵੈ ਨਾਲ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕੀਤੇ ਦਲੇਰੀ
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਪਣਾ ਆਤਮ-ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਠੁਕਰਾਇਆ
ਆਪਣੀ ਕਠੋਰ ਅਤੇ ਤਿੱਖੀ ਪ੍ਰਤੀਬਿੰਬ ਦੇ ਨਾਲ
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਉਸਨੂੰ ਇੰਨਾ ਬੇਬੱਸ ਪਾਇਆ ਕਿ
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਉਸਨੂੰ ਰੋਣ ਲਈ ਬਣਾਇਆ
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਨਰਕ ਵਿਚ ਬਦਲ ਦਿੱਤੀ
ਅਤੇ ਉਸਨੂੰ ਮਰਨ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਕੀਤਾ

ਪਰ ਮੈਨੂੰ ਇੱਕ ਸ਼ਬਦ ਕਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
ਇਕ ਸ਼ਬਦ ਜੋ ਆਸ ਭਰਿਆ ਹੈ
ਉਸ ਨੇ ਆਪਣਾ ਰਸਤਾ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ
ਅਤੇ ਇਹ ਪਤਾ ਲੱਗਾ ਕਿ ਕਿਵੇਂ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਹੈ

ਇਕ ਔਰਤ, ਇਕ ਮਾਂ ਅਤੇ ਇਕ ਪਤਨੀ
ਧੀਰਜ ਨਾਲ ਉਹ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਦੀ ਹੈ
ਸੰਭਾਲ ਕਰਨੀ, ਕੰਮ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਕੰਮ ਕਰਨਾ
ਅਜੇ ਵੀ ਜੀਵਨ ਦੇ ਨਾਲ ਸੰਘਰਸ਼ …

Poem for women’s day

नारी का गुणगान ना आँको भैया
नारी तो बस नारी है।

अनंत काल से आज तक
नारी ही रही है
जिसने हर
कठिन समय में भी
कंधे से कंधा मिला
दिया पुरुषों का साथ।

फिर भी पुरुषप्रधान
इस देश में ना
मिल सका
नारी को मान…
नारी तो बस नारी है।

प्यार और दुलार की मूर्ति नारी
ममता की मूर्ति है न्यारी
बच्चों से लेकर बूढ़ों तक
सभी को सँवारती है
यह नारी।

कभी सास तो कभी बहू
कभी बेटी तो कभी माँ
बनकर हर उम्मीद पर
खरी उतरती है नारी।

नारी तो बस नारी है
उसकी महिमा जो
समझ जाएँ
वह इस दुनिया से तर जाएँ

नारी का सम्मान करो
उसे भी उड़ने दो
गगन में अपनी स्वतंत्रता से
और फिर देखो
नारी का असली रूप

जो कभी दुर्गा, तो कभी सरस्वती
कभी लक्ष्मीबाई तो कभी कालका
का रूप दिखाकर
जग को न्याय का उचित
रास्ता दिखलाती है नारी

नारी तो बस नारी है
नारी तो बस नारी है।

ऊपर हमने आपको महिला दिवस पर कविता, mahila diwas par kavita, international women’s day poem, poems in hindi , happy women’s day poem in hindi, poem in tamil, international women’s day poem, in hindi, happy women’s day poem for girlfriend, आदि की जानकारी दी है जिसे आप किसी भी भाषा जैसे Hindi, हिंदी फॉण्ट, मराठी, गुजराती, Urdu, उर्दू, English, sanskrit, Tamil, Telugu, Marathi, Punjabi, Gujarati, Malayalam, Nepali, Kannada के Language व Font में साल 2007, 2008, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 का full collection जिसे आप अपने स्कूल व सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे whatsapp, facebook (fb) व instagram पर share कर सकते हैं|

About the author

abhay

Leave a Comment