Poem (कविता)

Diwali Poems in Hindi & English | दिवाली पर कविता

Diwali poem in marathi

यहाँ हमने हैप्पी दिवाली कविताओं के सर्वश्रेष्ठ संग्रह को संकलित किया है। दिवाली हिंदुओं के सबसे रंगीन, पवित्र और प्रिय त्योहारों में से एक है। यह हर साल देश भर में बहुत खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस शुभ दिन पर, लोग अपने घर के चारों ओर दीया और मोमबत्तियाँ जलाते हैं। वे शाम को लक्ष्मी पूजा करते हैं और धन की देवी का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यहाँ हमने बच्चों और बच्चों के लिए अंग्रेज़ी में लघु दिवाली कविताएँ, क्यूट फनी दिवाली कविताएँ, दिल को छूने वाली दीपावली कविताएँ, दिवाली उत्सव पर प्रेरणादायक कविताएँ आदि दी।

Deepawali Kavita for Class 1-12

अंधियार ढल कर ही रहेगा

आंधियां चाहें उठाओ,
बिजलियां चाहें गिराओ,
जल गया है दीप तो अंधियार ढल कर ही रहेगा।

रोशनी पूंजी नहीं है, जो तिजोरी में समाये,
वह खिलौना भी न, जिसका दाम हर गाहक लगाये,
वह पसीने की हंसी है, वह शहीदों की उमर है,
जो नया सूरज उगाये जब तड़पकर तिलमिलाये,
उग रही लौ को न टोको,
ज्योति के रथ को न रोको,
यह सुबह का दूत हर तम को निगलकर ही रहेगा।
जल गया है दीप तो अंधियार ढल कर ही रहेगा।

दीप कैसा हो, कहीं हो, सूर्य का अवतार है वह,
धूप में कुछ भी न, तम में किन्तु पहरेदार है वह,
दूर से तो एक ही बस फूंक का वह है तमाशा,
देह से छू जाय तो फिर विप्लवी अंगार है वह,
व्यर्थ है दीवार गढना,
लाख लाख किवाड़ जड़ना,
मृतिका के हांथ में अमरित मचलकर ही रहेगा।
जल गया है दीप तो अंधियार ढल कर ही रहेगा।

है जवानी तो हवा हर एक घूंघट खोलती है,
टोक दो तो आंधियों की बोलियों में बोलती है,
वह नहीं कानून जाने, वह नहीं प्रतिबन्ध माने,
वह पहाड़ों पर बदलियों सी उछलती डोलती है,
जाल चांदी का लपेटो,
खून का सौदा समेटो,
आदमी हर कैद से बाहर निकलकर ही रहेगा।
जल गया है दीप तो अंधियार ढल कर ही रहेगा।

वक्त को जिसने नहीं समझा उसे मिटना पड़ा है,
बच गया तलवार से तो फूल से कटना पड़ा है,
क्यों न कितनी ही बड़ी हो, क्यों न कितनी ही कठिन हो,
हर नदी की राह से चट्टान को हटना पड़ा है,
उस सुबह से सन्धि कर लो,
हर किरन की मांग भर लो,
है जगा इन्सान तो मौसम बदलकर ही रहेगा।
जल गया है दीप तो अंधियार ढल कर ही रहेगा।

दिवाली पर बाल कविता – दिवाली वर कविता

दीप जलाओ दीप जलाओ
आज दिवाली रे
खुशी-खुशी सब हँसते आओ
आज दिवाली रे।

मैं तो लूँगा खील-खिलौने
तुम भी लेना भाई
नाचो गाओ खुशी मनाओ
आज दिवाली आई।

आज पटाखे खूब चलाओ
आज दिवाली रे
दीप जलाओ दीप जलाओ
आज दिवाली रे।

नए-नए मैं कपड़े पहनूँ
खाऊँ खूब मिठाई
हाथ जोड़कर पूजा कर लूँ
आज दिवाली आई।

– अज्ञात

दीपावली पर हास्य कविता –दिवाली पर छोटी कविता

इन दीपों से जलते झलमल,
मेरे मन के गीत अधूरे।
इन दीपों से जलते मेरे स्वप्न,
हुए जो कभी न पूरे।
केवल एक रात जल कर,
बुझ जाएगी यह दीपक माला।
पर मरते दम तक न बुझेगा,
मुझमें तेरा रूप-उजाला।

तेरी रूप-शिखा में मेरे
अंधकार के क्षण जल जाते।
तेरी सुधि के तारे मेरे
जीवन को आकाश बनाते।
आज बन गया हूँ मैं इन दीपों का
केवल तेरे नाते।
आज बन गया हूँ मैं इन गीतों का
केवल तेरे नाते।

Diwali poem in marathi – दिवाली कविता मराठी

Best poem on diwali

सौम्य-स्ट्रायल्ड ज्योत डीपसह दीपला भेटा
कर-फसवणूक रिंग, जमिनीवर आयुष्य कालावधी.

लक्ष्मी फील्ड अटल वृर्ण
लक्ष्मी दिशेने-येताना आणि चालू
गडद रात्री लक्ष्मीचा आगमन
लक्ष्मीने दुय्यम वातावरणासह काम केले
लक्ष्मी सर्जन झाले
कमल फुले मध्ये
लक्ष्मी-पूजा नवीन नृत्यांगनांनी सजावट केली.

गिरी, वान, नाद सागर, भो-नर्तन, तुझा नित्य विहार
सतत माणसाची बोट आपले आहेत
मानवी गति, मानवी इतिहास, मानवी ढाल ढाल
माझा श्वास नेहमी घाम च्या मोती सह shines
जहाज वर जा
गझल गगन यांचे गाणे
आपण जंगलातून पाणी मिळेल;

उषा महावर तुला, संध्या शोभा बारा देईल
रानी रझनीने क्षणभरून ​​दिवेपर्यंत आरती सुरू केली,
हेड-बॉकर, डोके हार्मिंग, हेड हेल्म्स
गाणी आणि बलिदान
इमारत आपले मंदिर आहे
आवाज श्रम आवाज आहे
कल्याणी कलरत्रीच्या तेजस्वी उत्सव साजरा करत आहेत ..

पाणी शेतापासून सुकले आहे
रोझवूड
शब्दलेखन स्पेल-फ्री गेम आहे
आज श्रमिकांचे घर घरातून आले
तुम्हीच जगाचे एकमेव देव आहात,
तू उदयशील आहेस
तू बहुधा, निर्माता आहेस …

दीप न्यू ह्यूमन, मानव पिघटलेला काळ
गुळगुळीत-फ्लाक्स धरून ठेवा! दीप पासून दीप दीप

Diwali poem in gujarati

સુગમ-ચાલેલા જયોટ ડીપ સાથે ડીપને મળો
ટેક્સ-હેટિંગ રિંગ્સ, જમીન પરનો સમયગાળો.

લક્ષ્મીના ખેતરો અટલ વરર્ણ
લક્ષ્મીએ બદલાવ કર્યો – આવતાં અને જતા
અંધારામાં લક્ષ્મીનું આગમન
લક્ષ્મી ભેદભાવ સાથે કામ કરે છે
લક્ષ્મી સર્જન થયું
કમળ ફૂલોમાં
લક્ષ્મી-પૂજા નવા રાત્રિભોજનથી શણગારવામાં આવ્યા.

ગિરી, વાન, નાદ-સાગર, ભો-નરતન, તારું નિત્ય વિહાર
સતત મનુષ્યની આંગળીઓ તમારી છે
માનવ ગતિ, માનવ ઇતિહાસ, માનવ ઢાલ ઢાલ
મારા શ્વાસ હંમેશા પરસેવો ના મોતી સાથે શાઇન્સ
જહાજ પર જાઓ
ગઝલ ઘગનનું ગીત
તમે વૂડ્સમાંથી પાણી મેળવશો;

ઉષા મહાવર તમને, સંધ્યા શોભા બારા બનાવશે
રાની રઝનીએ ક્ષણથી લઈને દીવા સુધી આર્ટી શરૂ કરી,
હેડ-બૉકર, માથ હાઇ, હેડ પામ્સ કરી
ગીતો અને બલિદાન
ઇમારત તમારું મંદિર છે
અવાજ શ્રમની અવાજ છે
કલ્યાણી કાલરાત્રીની તેજસ્વી ઉજવણી કરે છે ..

પાણી ખેતરમાંથી સુકાઈ ગયું છે
રોઝવૂડ
સજા એ જોડણી દ્વારા જોડણી-મુક્ત ગેમ છે
આજે લેબર-સિકરનું ઘર ઘરમાંથી અમને મળ્યું
તમે જગતના એકમાત્ર દેવ છો,
તમે ઉભરતા હો
તમે સાસુ છો, સર્જક …

ડીપ ન્યુ હ્યુમન, હ્યુમન ઓગલ્ટ ઓફ એજ
સુગમ-પ્રવાહ પકડી રાખો! ડીપ માંથી ડીપ ડીપ

Best poem on diwali

मन से मन का दीप जलाओ
जगमग-जगमग दि‍वाली मनाओ

धनियों के घर बंदनवार सजती
निर्धन के घर लक्ष्मी न ठहरती
मन से मन का दीप जलाओ
घृणा-द्वेष को मिल दूर भगाओ

घर-घर जगमग दीप जलते
नफरत के तम फिर भी न छंटते
जगमग-जगमग मनती दिवाली
गरीबों की दिखती है चौखट खाली

खूब धूम धड़काके पटाखे चटखते
आकाश में जा ऊपर राकेट फूटते
काहे की कैसी मन पाए दिवाली
अंटी हो जिसकी पैसे से खाली
गरीब की कैसे मनेगी दीवाली
खाने को जब हो कवल रोटी खाली
दीप अपनी बोली खुद लगाते
गरीबी से हमेशा दूर भाग जाते

अमीरों की दहलीज सजाते
फिर कैसे मना पाए गरीब दि‍वाली
दीपक भी जा बैठे हैं बहुमंजिलों पर
वहीं झिलमिलाती हैं रोशनियां

पटाखे पहचानने लगे हैं धनवानों को
वही फूटा करती आतिशबाजियां
यदि एक निर्धन का भर दे जो पेट
सबसे अच्छी मनती उसकी दि‍वाली

हजारों दीप जगमगा जाएंगे जग में
भूखे नंगों को यदि रोटी वस्त्र मिलेंगे
दुआओं से सारे जहां को महकाएंगे
आत्मा को नव आलोक से भर देगें

फुटपाथों पर पड़े रोज ही सड़ते हैं
सजाते जिंदगी की वलियां रोज है
कौन-सा दीप हो जाए गुम न पता
दिन होने पर सोच विवश हो जाते

दीपोत्सव कविता

ऊपर हमने आपको दीपावली पर गजल, diwali bridesmaid poem, diwali kavita marathi, hindi poem on diwali festival for class 2, short poem on diwali in hindi, diwali in hindi wikipedia, hindi poem on tyohar for class 1, diwali poem in english of 10 lines, poem on diwali with rhyming words in english, the first diwali poem, long poem on diwali in english, diwali poem poem, दिवाली शुभकामना कविता, हैप्पी दिवाली कविता, आदि की जानकारी किसी भी भाषा जैसे Hindi, हिंदी फॉण्ट, मराठी, गुजराती, Urdu, उर्दू, English, sanskrit, Tamil, Telugu, Marathi, Punjabi, Gujarati, Malayalam, Nepali, Kannada के Language व Font में साल 2007, 2008, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 का full collection जिसे आप अपने स्कूल व सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे whatsapp, facebook (fb) व instagram पर share कर सकते हैं|

पटाखों कि दुकान से दूर हाथों में,
कुछ सिक्के गिनते मैंने उसे देखा।

एक गरीब बच्चे कि आखों में,
मैने दिवाली को मरते देखा।

थी चाह उसे भी नए कपडे पहनने की,
पर उन्ही पूराने कपडो को मैने उसे साफ करते देखा।

हम करते है सदा अपने ग़मो कि नुमाईश,
उसे चूप-चाप ग़मो को पीते देखा।

जब मैने कहा, “बच्चे, क्या चहिये तुम्हे”?
तो उसे चुप-चाप मुस्कुरा कर “ना” में सिर हिलाते देखा।

थी वह उम्र बहुत छोटी अभी,
पर उसके अंदर मैने ज़मीर को पलते देखा।

रात को सारे शहर के दीपो कि लौ में,
मैने उसके हँसते, मगर बेबस चेहरें को देखा।

हम तो जीन्दा है अभी शान से यहा,
पर उसे जीते जी शान से मरते देखा।

लोग कहते है, त्योहार होते हैं जिंदगी मे खुशियों के लिए,
तो क्यो मैंने उसे मन ही मन मे घूटते और तरस्ते देखा?

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

Copyright © 2018 Hindiguides.in

To Top