Eid ul Fitr essay in English

ईद उल फितर पर निबंध – Essay on Eid ul Fitr in Hindi, English & UrduPdf Download

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ईद उल फितर 2019 : ईद या ईद-उल-फितर मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार है। पूरे विश्व में मुसलमान इसे बहुत धूमधाम से मनाते हैं और उत्साह और उमंग दिखाते हैं| यह त्योहार रमजान के अंत का प्रतीक है। रमजान उपवास का पवित्र महीना है। मुसलमान ’रमज़ान’ के चांद को देखने के बाद पूरे एक महीने तक रोज़े रखते हैं। जब zan रमज़ान ’का महीना खत्म हो जाता है और ईद का चांद नजर आता है, तो वे अपना रोजा (उपवास) समाप्त कर देते हैं। इस तरह, मुसलमान अपने महीने भर के उपवास को तोड़ देते हैं।

ईद पर निबंध

ईद-उल-फितर’ अथवा ‘ईद’ का त्योहार मुस्लिम समुदाय का मुख्य त्योहार है । विश्व के सभी कोनों में फैले मुस्लिम लोग इसे बड़ी ही श्रद्‌धा एवं उल्लासपूर्वक मनाते हैं ।

वास्तव में ईद का त्योहार समाज में खुशियाँ फैलाने, पड़ोसियों के सुख-दु:ख में भागीदार बनने तथा जन-जन के बीच सौहार्द फैलाने में महत्चपूर्ण भूमिका अदा करता है । हमारे देश में जब ईद का त्योहार आता है, मुसलमानों के अतिरिक्त अन्य सभी समुदायों के व्यक्ति खुशी से झूम उठते हैं ।

मुस्लिमों के लिए रमजान का महीना विशेष धार्मिक महत्व रखता है । यह उनके दृष्टिकोण में उनके लिए आत्मशुदधि का महीना होता है । सभी मुस्लिम जन इस महीने में पूरे दिन का उपवास रखते हैं । इसका वे इतनी कठोरता से पालन करते हैं कि वे दिन भर जल की एक बूँद भी ग्रहण नहीं करते हैं ।

भी लोग दिन के पाँच बजे निश्चित समय पर खुदा को ‘नमाज’ अदा करते हैं तथा अपने व सभी परिजनों की आत्मशुद्‌धि के लिए दुआ करते हैं । रमजान के पूरे महीने सभी मुस्लिम सूर्यास्त के पश्चात् ही भोजन व जल ग्रहण करते हैं ।

परंतु इस्लाम में कुछ असहाय, बीमार तथा लाचार व्यक्तियों को व्रत से छूट दी गई है लेकिन सभी सक्षम व्यक्तियों के लिए रमजान के महीने में व्रत रखना अनिवार्य है । रमजान महीने के अंतिम दिन सभी मुस्लिम चाँद को देखने की उत्सुकता रखते हैं क्योंकि चाँद के दिखाई देने के पश्चात् ही दूसरे दिन ‘ईद’ मनाई जाती है ।

सभी मुसलमान इस त्योहार को बड़ी धूम-धाम से विशेष तैयारी के साथ मनाते हैं । ईद के त्योहार में संपूर्ण वातावरण एकरस हो जाता है । अमीर-गरीब, जवान या बूढ़ा सभी जनों में बराबर उत्साह देखा-जा सकता है । सभी अपनी शक्ति व सामर्थ्य एवं रुचि के अनुसार नए वस्त्र, नए आभूषण, जूते, चप्पल व अन्य भौतिक सुख की सामग्री की खरीद करते हैं ।

चारों ओर फलों व मिठाइयों की दुकानों में लंबी भीड़ देखी जा सकती है । वातावरण में एक नई रौनक आ जाती है । ईद के दृश्य का सजीव चित्रण महान् उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद ने अपनी प्रसिद्‌ध कहानी ‘ईदगाह’ में किया है ।

ईद उल फितर पर हिंदी निबंध

Essay on Eid ul Fitr in Hindi

ईद-उल-फितर’ या ‘ईद’ मुसलमानों के सबसे बड़े त्यौहारों में से एक है। यह त्यौहार दुनिया भर के मुसलमानों का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक त्यौहार है। यह त्यौहार भारत सहित पूरी दुनिया में बहुत ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। ईद का त्यौहार रमजान के पवित्र महीने के बाद मनाया जाता है।

मुसलमानों के लिए रमजान के दिनों का बहुत महत्त्व है। इस दौरान वे दिन भर पूर्ण उपवास रखते हैं। पानी पीना भी वर्जित होता है। शाम को नमाज़ अदा कर ही भोजन ग्रहण करते हैं। रमजान के महीने के अंतिम दिन जब आकाश में चाँद दिखाई देता है तो उसके दूसरे दिन ईद मनाई जाती है।

ईद का त्यौहार मनाने की तैयारी पहले से ही आरम्भ कर दी जाती है। बच्चे, युवा, वृद्ध सभी उत्साहित दिखाई देते हैं। बाज़ारों में भीड़ बढ़ जाती है। अमीर-गरीब सभी नए वस्त्र, जूते-चप्पल, उपहार आदि खरीदने में व्यस्त हो जाते हैं।

ईद के दिन सुबह से ही बच्चे, युवा, वृद्ध सभी विशेष प्रकार के वस्त्र पहनकर, सर पर टोपी लगाकर ईदगाह में जमा होने लगते हैं। वहाँ सभी पंक्तिबद्ध होकर विशेष नमाज़ अदा करते हैं। देश की सभी प्रमुख मस्जिदों में भी ऐसा ही दृश्य देखा जा सकता है। सभी आपसी भेद-भाव भूलकर गले मिलते हैं और एक-दूसरे को ईद की बधाई देते हैं।

ईद के दिन मुसलमानों के घर मीठी सेवईं बनती है। इसके अतिरिक्त अनेक प्रकार के व्यंजन भी तैयार किये जाते हैं। लोग अपने सगे सम्बन्धियों के घर जाकर उन्हें ईद की मुबारकबाद देते हैं। रात में मस्जिदों पर रोशनी की जाती है।

ईद आपसी मिलन और भाई-चारे का त्यौहार है। यह त्यौहार भारत की बहुआयामी संस्कृति का प्रतीक है। इस त्यौहार पर भारत के सभी समुदायों के लोग बहुत खुश होते हैं। ईद का त्यौहार सभी के लिए खुशियाँ लेकर आता है। यह त्यौहार दया, परोपकार, उदारता, भाई-चारा आदि मानवीय भावनाओं से युक्त होता है।

Eid ul Fitr essay in English

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Eid or Eid-ul-Fitr is the greatest festival of the Muslims. The Muslims, all over the world, celebrate it with great pomp and show, zeal and gusto.

This festival marks the end of Ramadan. Ramadan is a holy month of fasting. The Muslims observe fasts for a full month after sighting the moon of ‘Ramzan’. When the month of ‘Ramzan’, is over and the moon of Eid is sighted, they end their Roja (fasts). In this way, the Muslims break their month-long fast. The next day, the festival of Eid is celebrated. Every year it comes off on the first day of the month of Shawwal. It is a day of gaiety, festivity and feasting.

It is a believed that fasting in the month of ‘Ramzan’ purifies the soul. The prayers after fasting save them from going to hell and open the doors of heaven. Thus, they lead a pure and holy life during the month of ‘Ramzan’. They observe fasts, offer regular prayers in the form of ‘Namaz’; read the holy Koran, feed the hungry and give alms to the poor. Charity is the greatest virtue to be practiced during the month of ‘Ramzan’. Fasting comes to an end when the new moon of Eid is sighted. The sight of the new moon of Eid is considered very pious and holy by the Muslims. It is a signal for the celebration of Eid the very next day.

On the Eid day, Muslim people get up early in the morning. They take a bath and put on their best dresses. Houses are decorated. They thank Allah, visit mosques and offer prayers in the form of ‘Namaz’. They embrace one another and exchange Eid greetings. ‘Eid Mubarak’ is on the lips of each Muslim. Sweets are distributed, gifts are given and delicious dishes are prepared at home. Friends and relatives are invited to feasts. Sweet noodles are the most popular dish cooked on this day. At some places, Eid fairs are also held. Eid greetings are exchanged by one and all. Children buy toys and sweets.

In India, all communities join the Muslims in celebrating Eid. Sweets are shared and greetings exchanged by all. The Hindus, Sikhs and Christians greet their Muslim brothers on this day. The celebration of Eid promotes national integration and the feeling of brotherhood. Joys are doubled when they are shared. Eid brings a message of brotherhood for all of us.

It is a festival of love and goodwill. It gives us a message to love all and hate none. It teaches us to embrace all men as brothers. Separated lovers hope to meet on this day. It exhorts us to bid goodbye to hatred, jealousy and enmity and bring in an era of love, sympathy and brotherhood.

Eid Ul Fitr Par Nibandh in urdu

عید یا عید الاطرہ مسلمانوں کا سب سے بڑا تہوار ہے. دنیا بھر میں، مسلمانوں نے اسے شاندار پمپ اور شو، حوصلہ افزائی اور گیس کے ساتھ منایا.

یہ تہوار رمضان کے اختتام پر ہوتا ہے. رمضان روزہ کا ایک مہینہ ہے. مسلمانوں نے رمضان المبارک کے چاند کو دیکھنے کے بعد پورے مہینے کے لئے روزہ رکھے ہیں. جب رمضان المبارک کا مہینہ ختم ہوتا ہے اور عید کا چاند نظر آتا ہے تو وہ اپنے روزے کو ختم کرتا ہے. اس طرح، مسلمان اپنے مہینے میں تیزی سے توڑ جاتے ہیں. اگلے دن، عید کا تہوار منایا جاتا ہے. ہر سال یہ شوال کے مہینے کے پہلے دن پر آتا ہے. یہ ہمت، تہوار اور تہوار کا ایک دن ہے.

یہ عقیدہ ہے کہ رمضان المبارک میں روزہ رکھنا روح کو پاک کرتا ہے. روزہ رکھنے کے بعد نمازیں دوزخ میں جانے اور جنت کے دروازوں کو کھولنے سے محفوظ رکھے. اس طرح، وہ رمضان المبارک کے مہینے کے دوران خالص اور مقدس زندگی کی قیادت کرتے ہیں. وہ روزہ دیکھتے ہیں، ‘نماز’ کے طور پر باقاعدہ نماز پیش کرتے ہیں؛ قرآن پاک کو پڑھ، بھوکا کھانا کھلانا اور غریبوں کو زکوۃ دینا. رمضان المبارک کے مہینے کے دوران مشق کرنے کے لئے صدقہ سب سے بڑی فضیلت ہے. روزہ رکھنا جب اختتام کے نئے چاند نظر آتا ہے. عید کے نئے چاند کی نظر مسلمانوں کی طرف سے بہت مقدس اور مقدس سمجھا جاتا ہے. اگلے دن یہ عید کے جشن کا اشارہ ہے.

عید کا دن، مسلمان لوگ صبح صبح جلدی اٹھاتے ہیں. وہ غسل کرتے ہیں اور اپنے بہترین لباس پر ڈال دیتے ہیں. گھروں کو سجایا جاتا ہے. وہ اللہ تعالی کا شکریہ ادا کرتے ہیں، مساجدوں کا دورہ کرتے ہیں اور نمازوں کی شکل میں نماز ادا کرتے ہیں. وہ ایک دوسرے کو اکٹھا کرتے ہیں اور عید مبارکباد دیتے ہیں. ‘عید مبارک’ ہر مسلم کے ہونٹوں پر ہے. مٹھائیاں تقسیم کی جاتی ہیں، تحائف دیا جاتا ہے اور گھر میں مزیدار برتن تیار کی جاتی ہیں. دوستوں اور رشتہ داروں کو دعوت دینے کے لئے مدعو کیا جاتا ہے. سویٹ نوڈلس اس دن پکایا مقبول ترین ڈش ہیں. کچھ جگہوں پر، عید میلوں بھی منعقد کی جاتی ہیں. عید مبارک باد ایک اور سب سے بدل رہے ہیں. بچے کھلونے اور مٹھائی خریدتے ہیں.

بھارت میں، تمام کمیونٹی عید کے مناظر میں مسلمانوں کے ساتھ شامل ہو جاتے ہیں. مٹھائی مشترکہ اور سلامتی سبھی کی طرف سے تبدیل کر رہے ہیں. ہندوؤں، سکھوں اور عیسائوں کو اس دن اپنے مسلم بھائیوں سے سلامتی. عید کے جشن میں قومی انضمام اور اخوان المسلمین کا احساس بڑھتا ہے. جب وہ شریک ہوتے ہیں تو خوشی مل جاتی ہے. عید ہم سب کے لئے اخوان المسلمین کا پیغام لاتا ہے.

یہ محبت اور گمان کا تہوار ہے. یہ ہمیں سب سے محبت کرنے اور کسی سے نفرت کرنے کا ایک پیغام فراہم کرتا ہے. یہ ہم سب کو مردوں کے طور پر بھائیوں کے طور پر برداشت کرنے کی تعلیم دیتا ہے. علیحدہ محبت کرنے والوں کو اس دن سے ملنے کی امید ہے. یہ ہمیں نفرت، حسد اور دشمنی سے الوداع کی بولی اور محبت، ہمدردی اور اخوان المسلمین کے دور میں آنا ہے.

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