Poem (कविता)

गुरु पूर्णिमा पर कविता | Guru Purnima Poem in Hindi & Marathi for Students to Teachers

Guru Purnima Poem in Hindi

Guru purnima 2019: भारत में एक गुरु एक पूजनीय व्यक्ति है जिसका ज्ञान और ज्ञान हमें जीवन की यात्रा में प्रबुद्ध करता है। यह शब्द अपने आप में बहुत महत्व और कद रखता है। भारतीय लोग अपने गुरुओं के लिए बहुत सम्मान रखते हैं। यह त्योहार हिंदू और बौद्ध दोनों द्वारा मनाया जाता है। इस दिन का महत्व यह है कि गुरु किसी के जीवन में सबसे आवश्यक स्थान रखता है और उसे सम्मान और सम्मान देने के लिए लोग गुरु पूर्णिमा मनाते हैं।

Guru Purnima Kavita

जन्म माँ-बाप से मिला
ज्ञान गुरु से दिला दिया
ड्रेस, किताबे, बस्ता,
माँ-बाप से मिला
पढ़ना गुरु ने सीखा दिया
माँ ने जीवन का पहला पाठ पढ़ाया
दूसरा तीसरा चौथा गुरु ने पढ़ा दिया”

“जब हम छोटे होते हैं “टीचर बच्चे” खेलते हैं
जब थोड़े बड़े हुए, सीधे-उलटे काम भी करते हैं
एक दिन हम जवान होकर,आएंगे काम देश के
ऐसा गुरु जी हमसे हरदम कहते रहते हैं”

“गुरु ने हमको अपने ज्ञान से सींचा हैं
हमने उनसे ही जीवन का सार सीखा हैं
समझा देंगे हमें वो दुनिया दारी
उनकी इसी बात पर किया सदा भरोसा हैं”

गुरु पूर्णिमा पर हिंदी कविता

गुरु की उर्जा सूर्य-सी, अम्बर-सा विस्तार.
गुरु की गरिमा से बड़ा, नहीं कहीं आकार.

गुरु का सद्सान्निध्य ही,जग में हैं उपहार.
प्रस्तर को क्षण-क्षण गढ़े, मूरत हो तैयार.

गुरु वशिष्ठ होते नहीं, और न विश्वामित्र.
तुम्हीं बताओ राम का, होता प्रखर चरित्र?

गुरुवर पर श्रद्धा रखें, हृदय रखें विश्वास.
निर्मल होगी बुद्धि तब, जैसे रुई- कपास.

गुरु की करके वंदना, बदल भाग्य के लेख.
बिना आँख के सूर ने, कृष्ण लिए थे देख.

गुरु से गुरुता ग्रहणकर, लघुता रख भरपूर.
लघुता से प्रभुता मिले, प्रभुता से प्रभु दूर.

गुरु ब्रह्मा-गुरु विष्णु है, गुरु ही मान महेश.
गुरु से अन्तर-पट खुलें, गुरु ही हैं परमेश.

गुरु की कर आराधना, अहंकार को त्याग.
गुरु ने बदले जगत में, कितने ही हतभाग.

गुरु की पारस दृष्टि से , लोह बदलता रूप.
स्वर्ण कांति-सी बुद्धि हो,ऐसी शक्ति अनूप.

गुरु ने ही लव-कुश गढ़े , बने प्रतापी वीर.
अश्व रोक कर राम का, चला दिए थे तीर.

गुरु ने साधे जगत के, साधन सभी असाध्य.
गुरु-पूजन, गुरु-वंदना, गुरु ही है आराध्य.

गुरु से नाता शिष्य का, श्रद्धा भाव अनन्य.
शिष्य सीखकर धन्य हो, गुरु भी होते धन्य.

गुरु के अंदर ज्ञान का, कल-कल करे निनाद.
जिसने अवगाहन किया, उसे मिला मधु-स्वाद.

गुरु के जीवन मूल्य ही, जग में दें संतोष.
अहम मिटा दें बुद्धि के, मिटें लोभ के दोष.

गुरु चरणों की वंदना, दे आनन्द अपार.
गुरु की पदरज तार दे, खुलें मुक्ति के द्वार.

गुरु की दैविक दृष्टि ने, हरे जगत के क्लेश.
पुण्य -कर्म- सद्कर्म से, बदल दिए परिवेश.

गुरु से लेकर प्रेरणा, मन में रख विश्वास.
अविचल श्रद्धा भक्ति ने, बदले हैं इतिहास.

गुरु में अन्तर ज्ञान का, धक-धक करे प्रकाश.
ज्ञान-ज्योति जाग्रत करे, करे पाप का नाश.

गुरु ही सींचे बुद्धि को, उत्तम करे विचार.
जिससे जीवन शिष्य का, बने स्वयं उपहार.

गुरु गुरुता को बाँटते, कर लघुता का नाश.
गुरु की भक्ति-युक्ति ही, काट रही भवपाश.

Guru Purnima Kavita in Marathi

Guru Purnima Kavita

गुरूंची ऊर्जा सूर्य-सी, एम्बर-विस्तार आहे
एखाद्या मास्टरचा सन्मानापेक्षा श्रेष्ठ, कोठेही आकार नाही

गुरूचे तत्त्व जगात आहे, भेट जगात आहे
मूर्ती थोड्याच वेळात बांधली जाते, मूर्ती तयार आहे.

गुरु वशिष्ठ अस्तित्वात नाहीत, आणि विश्वामित्र नसतात
तुम्हाला राम सांगा, तो प्रखर वर्ण होता?

गुरूवर विश्वास ठेवा, अंतःकरणामध्ये विश्वास ठेवा
हे रुई-कापूससारख्या बुद्धीने शुद्ध होईल

गुरूकडून सन्मान, भाग्य लेख बदला.
डोळा शिवाय, सूर्य कृष्णा शोधत होता

गुरूकडून गुरुत्वाकर्षण घेणे, लहानपणाची खूप मोठी ठेव.
प्रभू, प्रभु, सर्वोच्च पासून प्रभु, पराभूत करील

गुरु ब्रह्मागुरू विष्णू आहेत, गुरु आदरणीय महेश
स्वामी यांच्यातील अंतर उघडा, परमाश परमार्थ आहे.

गुरूची उपासना करणे, अहंकार अर्पण करणे
गुरूंच्या जगात, किती हितसंबंध आहेत

मास्टर दृष्टीकोनातून, लोह प्रकार रूपांकरीता
गोल्डन कांटी-बुद्धी, अशा शक्ती अनूप

मास्टरने प्रेम कुसा तयार केले आहे, प्रतापी वीर बनवले आहे
घोडा थांबवा, राम गेला होता, बाण गेला होता.

मास्तरांनी जगात सर्व अपात्र, सर्व असाध्य निर्माण केले आहे.
गुरु-उपासना, गुरु-वंदन, गुरु आराध्य आहे.

गुरूंच्या श्रद्धा प्रतिष्ठा, श्रद्धा प्रसन्ना एक्स्क्लेश
धन्य शिष्य, आणि मास्टर देखील आशीर्वाद होता.

गुरूच्या आत, उद्याचे उद्या, उद्या, उद्या ज्ञात होईल.
जो अडथळा आणतो, त्याला मध आणि चव मिळाला

मास्तरांचे जीवनमान केवळ जगात आहे, समाधान जगात आहे.
बुद्धीचे महत्त्व मिटवा, लोभचे दोष मिटवा

गुरू फाद का वंदना, दि आनंद अपार.
मास्टर च्या हावभाव द्या, मोक्ष दरवाजे उघडा

गुरुचे दिव्य दृष्टी, हिरव्या जगाचे दुःख
सद्गुणी – कामावरून, बदललेले पर्यावरण

गुरुकडून प्रेरित होऊन, मनावर श्रद्धा ठेवा.
अविश्वसनीय भक्ती, भक्ती बदलली आहे, इतिहास

गुरुमध्ये आतील ज्ञानाचा प्रकाश, प्रकाश चमकता होता.
ज्ञान-प्रकाश जागृत व्हा, पापांचा नाश करा

गुरुजी, मनाची बुद्धी, सर्वोत्तम कल्पना.
शिष्य च्या जीवन पासून, स्वत: ची भेट केलेली आहे

गुरु गुरुत्वाकर्षण विभाजीत, आणि  नष्ट करते
गुरुची भक्ती आणि भक्ती, भावापचा काटेकोर.

गुरु पूर्णिमा कविता नेपाली

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गुरु को ऊर्जा सूर्य-सी, एम्बर-एक्सटेन्सन हो
मालिकको सम्मानको भन्दा ठूलो, कहीं पनि कुनै आकार छैन

गुरुको सिद्धान्त संसारमा छ, उपहार संसारमा छ।
पत्थर क्षणिक रूपमा सारिएको छ, मूर्ति तयार छ।

गुरु वशिष्ठ अवस्थित छैन, र न त विश्वामित्र
तिमीलाई राम भन, तीव्र चरित्र थियो?

गुरुरुरमा विश्वास राख्नुहोस्, हृदय राख्नुहोस्, विश्वास गर्नुहोस्
यो शुद्ध बुद्धिमानी हुनेछ, जस्तै रोई-कपास

गुरु द्वारा उत्थान, परिवर्तन भाग्य लेख।
आँखा बिना, सूर्य कृष्ण को लागी हेर्दै थियो

गुरुबाट गुरुत्वाकर्षण लिनु, सानोपन राख्नु।
प्रभु सर्वोच्च प्रभु, सर्वोच्च प्रभुबाट पराजित गर्न सक्छ

गुरु ब्रह्मा गुरु, विष्णु, गुरु सम्मान महेश छ
मास्टर को बीच अंतर को खोलो, मास्टर परमेश छ।

गुरुको उपासना गर, अहंकार बलि
गुरुको संसारमा, कति चासोहरू

मास्टरको दृष्टिकोणबाट, फलामको प्रकारहरू
गोल्डेन काटी-बुद्धि, यस्तो शक्ति एप

मालिकले प्रेम-कोषा बनाएको छ, प्रताप वेयर बनाइयो
घोडा रोक्नुहोस्, राम चलाइएको थियो, तीर चलेको थियो।

मालिकले संसारमा सबै अयोग्य बनाएको छ, सबै अपरिहार्य।
गुरु-पूजा, गुरु-वन्दन, गुरु मनमोहनशील छन्।

शास्त्र प्रतात्मा गुरु, श्रद्धा प्रसाद को विशेष
धन्य हो चेला हो, र मालिक पनि आशिष् थियो।

गुरु भित्र, कलको ज्ञान, भोलि, भोलि जान्छ।
जो बाधा भयो, हनी पायो, स्वाद

मालिकको जीवन मूल्य मात्र संसारमा छ, सन्तुष्टि संसारमा छ।
बुद्धिको महत्त्व मेटाउनुहोस्, लालची को दोष मेटाउनुहोस्

गुरु फरा को वंदना, आनंद आनंद।
मालिकको इशारा दिनुहोस्, मुक्तिको ढोका खोल्नुहोस्

गुरुको ईश्वरीय दर्शन, हरा संसारको पीडा
कार्य – कार्य – कामबाट, वातावरण परिवर्तन गरियो

गुरु द्वारा प्रेरित, मन मा विश्वास राख्नुहोस्।
अविश्वसनीय भक्ति, भक्ति परिवर्तन भएको छ, इतिहास

गुरुमा आन्तरिक ज्ञानको लाइट चमकियो।
ज्ञान ज्योति उठाउनुहोस्, पापको विनाश गर।

Guruji, दिमाग को ज्ञान, सबै भन्दा राम्रो विचार।
चेलाको जीवनबाट, आफैंको उपहार।

गुरु गुरुत्वाकर्षण हुन्छ र सानोपन नष्ट गर्दछ।
गुरुको भक्ति र भक्ति, भभापतलाई काटेर।

Guru Purnima Kavita Hindi

कहते है शक्कर
हमेशा होती है गुड़ से बेहतर
इसीलिये ,जब चेले लाखों कमाते है
और गुरुजी अब भी अपनी पुरानी,
स्कूटर पर कॉलेज जाते है
लोग कहते है अक्सर
गुरूजी गुड़ ही रहे ,
और चेलेजी हो गए शक्कर
पर वो ये भूल जाते है कि गुड़ ,
सेहत के लिए बड़ा फायदेमंद होता है
और ज्यादा शकर खानेवाला ,
डाइबिटीज का मरीज बन,
जीवन भर रोता है
इसलिए लोग जो कहते है ,कहने दें
गुरु को लाभकारी ,गुड़ ही रहने दें
क्योंकि वो हमें देतें है ज्ञान
कराते है भले बुरे की पहचान
बनाते है एक अच्छा इंसान
इसलिए ऐसे गुरु को ,
हमारा कोटि कोटि प्रणाम

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