Essay (Nibandh)

जल ही जीवन है पर निबंध – Water is Life Essay in hindi

जल ही जीवन है निबंध

जल ही जीवन है एस्से : जैसा की हम सभी जानते है पूरे World ने दिन-प्रतिदिन पानी की कमी आती जा रही है और धरती पर जल की कमी के कारण लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो आज हम आपको इस Pani Bachao Nibandh की सहायता से  निम्नलिखित विषयों पर जानकारी देंगे जैसे  जल संरक्षण(Water Conservation), Jal Bachao Jeevan Bachao, Jal Hai to Kal Hai, Pani Bachao , Jal Bachao Ped Lagao आदि और साथ ही आप for class 2, for class 9, for class 12 के लिए in 200 words में Pani Hi Jivan Nibandh पर जानकारी दे सकते है। इसके अलावा आप अधिक information के लिए internet पर भी  Water is Life Essay in Odia Language और in Punjabi, Gujarati, Bangla, Marathi भाषाओं में भी पढ़ सकते है।

प्रस्तावना

जैसा कि आप सभी जानते Gal Hi Jivan Hai. पृथ्वी पर जीवित रहने के लिए जल उतना ही जरुरी है जितना की सभी प्राणियों के लिए भोजन जरुरी है। पृथ्वी पर पानी मुख्य Natural Resources में से एक ऐसा Resource है जो कि पशु, मानव, पौधे इत्यादि सभी के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण पदार्थ है। लेकिन ध्यान देने वाली यह बात है कि पृथ्वी पर दिन-प्रतिदिन जल का अभाव होता जा रहा है। पानी की कमी के कारण पर्यावरण प्रदूषण, अनेकों बीमारियाँ, धरती पर सूखा और ग्लोबल वार्मिंग के जैसे अनेकों प्राकृतिक संकटों का जन्म हो रहा है जो की पृथ्वी और पृथ्वी पर रहने वाले प्राणियों के लिए के लिए सही नहीं है। किन्तु संसार की आवादी इस बहुत ही अहम् जल की बचत के महत्व को नहीं समझ पा रहा है।

जल जरूरी क्यूँ हैं

जल हमारे दैनिक जीवन में सबसे अधिक उपयोग होने वाला पदार्थ है। जिसके कारण हम पृथ्वी पर सभी प्राणी मानव, पशु-पक्षी इत्यादि जीवित है और हर उद्योग को अलग-अलग प्रकार के निर्माण हेतु, उत्पाद के निर्माण, Processing, किसी धातु को पतला करने, धोने, ठंडा करने या फिर परिवहन करने हेतु, खेतों व् सभी पेड़-पौधों हेतु आदि के लिए पानी की आवश्यकता होती है। आज के समय में हर एक जगह जनसंख्या अधिक होने से दिन-प्रतिदिन जल संसाधनों में कमी, भू-जल स्तर में कमी, विश्व के अनेकों हिस्सों में सूखे तथा बारिश के पानी का संग्रहण आदि ना होने के कारण पृथ्वी पर जीवन व्यतीत करने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि पृथ्वी लगभग 71% जल से ढकी हुई है। लेकिन वास्तव में उपयोग करने लायक पानी सिर्फ 3.5% ही available है इस स्तिथि को ध्यान में रखते हुए हमें पानी की ज्यादा से ज्यादा बचत करनी चाहिए। पानी का मुख्य उपयोग बिजली उत्पादन करने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

भारत में पानी का संकट

भारत में Environmentalist, जानकार और स्वयंसेवी संगठन के द्वारा बहुत समय से जल संकट के बारे में जानकारी दी जा रही थी किन्तु इस विषय पर किसी ने तब तक ध्यान नहीं दिया। जब तक देश के कई बड़े राज्यों में नदियों तथा तालाबों का पानी सूख नहीं गया स्वयं Government Organization के नीति आयोग ने पिछले वर्ष June में आने वाले Water Crisis के लिए Warn करने के लिए एक रिपोर्ट “Composite Water Management Index (CWMI) कि शुरुआत की थी। इस रिपोर्ट के द्वारा नीति आयोग ने पाया कि भारत History के सबसे कठिन जल संकट का सामना कर रहा है तथा देश के लगभग 60 Crore लोगों यानी कि 45 percent population को जल की भारी कमी के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस Report के अनुसार पता चला कि Year 2020 तक देश के 21 Important Cities में Underground water (जो कि भारत के लगभग शहरों में पानी का मुख्य साधन है) समाप्त हो जाएगा तथा साल 2030 तक देश की 40 percent population को पीने का पानी भी प्राप्त नहीं हो पायेगा तथा इसी जल संकट कारण 2050 तक देश के GDP को 6 percent की हानि होगी।

जल संरक्षण के उपाय

  • पृथ्वी पर सूखे की समस्या को रोकने के लिए जल का अधिक से अधिक बेहतर तथा कम उपयोग करना चाहिए।
  • हमारी नई जनरेशन तथा सभी लोगों को जल संरक्षण (Water Conservation) और Jal Bachao Jeevan Bachao के बारे में जागरूक करना चाहिए।
  • सभी को अनावश्यक कार्यों में पानी का use बंद कर देना चाहिए।
  • वर्षा के पानी को किसी स्थान, टेंक, बर्तन, झील, तालाब, कुँए इत्यादि बनाकर ऐसी जगहों पर पानी को संग्रहित करना चाहिए।
  • अधिक से अधिक तादात में पेड़-पौधे लगाने चाहिए व् पेड़ों की होने वाली कटाई को रोकना का चाहिए।
  • जिन Industry या व्यवसाय के कारण Contaminated water को नदियों प्रभाह किया जाता है। उन सभी को Strict Instruction देने चाहिए और इसकी रोक-थाम करनी चाहिए।
  • स्नान आदि करते समय Shower का उपयोग न करते हुए Bucket and Mug का उपयोग करना होगा।

विश्व जल दिवस

विश्व जल दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के द्वारा की गई थी जो की 22 march को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी घोषित किया कि लोगों को विश्व जल दिवस और ताजे जल के मूल्य एवं पानी की अनुपस्थिति के कारण पृथ्वी पर होने वाले दुष-प्रभाव के बारे में जागरूक किया जाए। जिससे Fresh Water Resources के Management का समर्थन किया जाये। भारत सरकार के द्वारा लोगों में Create Social Awareness और Protection , Augmentation of Water Resources एवं Efficient Management के लिए कदम उठाया जा रहा है। State Government एवं Government of India के द्वारा गंगा तथा अन्य सभी नदियों का Rejuvenation करने के लिए पीनेयोग्य पानी तथा Ministry of Sanitation के लिए Dedicated ministers जैसे लोगों में Awareness को जन्म देने हेतु अनेक विभागो का निर्माण किया है।

उपसंहार

सभी लोगों को अपने जीवन में जल के महत्व एवं पानी की कमी से होने वाली समस्या को समझना चाहिए। सरकार एवं NGO जल के महत्व और लोगों में जागरूकता फैलानी चाहिए। दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले जल की बचत करना चाहिए। पानी के मूल्य को ध्यान में रखते हुए पानी का कम-से-कम उपयोग करना चाहिए।

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