Essay (Nibandh)

नाग पंचमी पर निबंध 2019 | Essay on Nag Panchami in Hindi & English with Pdf Download

Essay on Nag Panchami in Hindi

नाग पंचमी 2019: नागा पंचमी भारत के अधिकांश हिस्सों में हिंदुओं द्वारा मनाई जाती है। श्रावण मास में नाग पंचमी को पंचमी के दिन मनाया जाता है। इस दिन वे नाग देवता (कोबरा) की पूजा करते हैं। हिंदू पौराणिक कथाओं में कोबरा को दिव्य माना जाता है। लोग मंदिरों में जाते हैं और सांपों को काटते हैं और वे सांपों की पूजा करते हैं। वे सभी बुराइयों से बचाने के लिए दूध और चांदी के सांप चढ़ाते हैं। वे उपवास भी करते हैं। यह त्योहार उस दिन को मनाने का है जब भगवान कृष्ण ने नाग कालिया को हराया था।

नाग पंचमी निबंध

नाग पंचमी हिन्दुओं का एक प्रसिद्ध त्योहार है। यह पूरे भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। नाग हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है। नागों को धारण करने वाले भगवान भोलेनाथ की पूजा-आराधना करना भी इस दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इन्हें शक्ति एवं सूर्य का अवतार भी माना जाता है।
नाग पंचमी कब-क्यों मनाई जाती है : 
हमारे देश में नागपूजा प्राचीनकाल से चली आ रही है। श्रावण माह के शुक्ल पक्ष में पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है इसलिए इसे ‘नाग पंचमी’ के नाम से प्रसिद्धि प्राप्त है। इस दिन नागों का दर्शन शुभ माना जाता है।
एक समय लीलाधर नाम का एक किसान था जिसके तीन पुत्र तथा एक पुत्री थी। एक दिन सुबह जब वह अपने खेत में हल चला रहा था, उसके हल से सांप के बच्चों की मौत हो गई। अपने बच्चों की मौत को देखकर नाग माता को काफी क्रोध आया और नागिन अपने बच्चों की मौत का बदला लेने किसान के घर गई।
रात को जब किसान और उसका परिवार सो रहा था तो नागिन ने किसान, उसकी पत्नी और उसके बेटों को डस लिया और सभी की मौत हो गई। किसान की पुत्री को नागिन ने नहीं डसा था जिससे वह जिंदा बच गई।
दूसरे दिन सुबह नागिन फिर से किसान के घर में किसान की बेटी को डसने के इरादे से गई। उसने नाग माता को प्रसन्न करने के लिए कटोरा भरकर दूध रख दिया तथा हाथ जोड़कर प्रार्थना की और माफी मांगी। उसने नागिन से उसके माता-पिता को माफ कर देने की प्रार्थना की।
नाग माता प्रसन्न हुई तथा सबको जीवनदान दे दिया। इसके अलावा नाग माता ने यह आशीर्वाद भी दिया कि श्रावण शुक्ल पंचमी को जो महिला सांप की पूजा करेगी उसकी कई पीढ़ियां सुरक्षित रहेंगी, तब से नाग पंचमी पर सांप को पूजा जाता है।

Nag Panchami ESSAY IN HINDI

इस पूजा से जुडी एक कथा है। जिसका बहुत महत्त्व है। आईये इस कथा के बारे में हम विस्तार से जानते हैं। एक नगर में एक व्यापारी निवास करता था। उसके सात पुत्र थे। उन सातों पुत्रों का विवाह हो चुका था। उन सातों बहुओं में से सबसे छोटी बहु विदुषी, सुशील और अच्छे चरित्रवान वाली स्त्री थी।

एक दिन सबसे बड़ी बहु ने सारी बहुओं से कहा कि घर को लीपने के लिए पीली मिट्टी की जरुरत है। हम सब बाहर चलकर खेतों से पीली मिट्टी ले आते हैं। तब सारी बहुएँ एक साथ डलिया और खुरपी लेकर चल दीं। जब वे बहुएँ मिट्टी खोद रहीं थीं तभी अचानक पेड़ के पास से एक सर्प निकला।

ऐसा देख कर सब डर गयीं। तब बड़ी बहु ने सर्प को खुरपी से मारना चाहा। लेकिन छोटी बहु ने ऐसा करने से उसे मना कर दिया। उसने कहा कि सर्प को नहीं मारना चाहिए, वह निरापराध है। ऐसा सुनकर बड़ी बहु छोटी बहु से नाराज हो गयी। फिर भी छोटी बहु के कहे अनुसार किसी ने भी उस सर्प को नहीं मारा।

तब छोटी बहु ने सर्प के सम्मुख हाथ जोड़कर कहा कि हे नाग ! आप यहीं रुकिए मैं घर जाकर दूध लेकर आती हूँ। तब वहां से सारी बहुएँ चली गयीं। जब वे घर चली गयीं तब घर जाकर छोटी बहु घर के कार्यों में इतनी उलझ गयी कि उसे याद ही नहीं रहा कि उसने सर्प को वहां इंतज़ार करने के लिए कहा था।

उसे अगले दिन याद आया और वह दौड़ती हुई दूध लेकर खेत में पहुंची। वह सर्प वहीँ पर उसका इंतज़ार कर रहा था। तब उसने सर्प को कटोरी में दूध दिया और माफ़ी मांगी। तब सर्प ने कहा कि कल तुमने मेरी जान बचाई है इस कारण मैं तुम्हे अपनी बहन मानता हूँ।

इसीलिए मैंने तुम्हे डसा नहीं क्योंकि कल तुमने मुझे यहीं इंतज़ार करने को कहा था लेकिन तुम भूल गयीं। लेकिन मेरी जान बचाने के कारण अब मैं तुम्हे अपनी बहन मानने लगा हूँ। इस तरह के वचन सुनकर वह छोटी बहु भी उस सर्प को अपना भाई मानने लगी।

इसके बाद दोनों अपने – अपने घर चले गए। फिर एक दिन वह सर्प मानव शरीर धारण कर अपनी छोटी बहन के यहाँ पहुँच गया। उसने कहा कि मैं आपकी छोटी बहु का भाई हूँ और उसे लेने आया हूँ। तब वहां उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित हो उठे क्योंकि छोटी बहु के मायके में तो कोई उसका भाई नहीं है।

फिर ये कौन सा नया भाई आ गया। तब सर्प ने बोला कि मैं रिश्तेदार में आता हूँ, बचपन से ही दूर कहीं रह रहा था। अब मैं अपनी बहन को लेने आया हूँ। तब ससुराल वालों को विश्वास हुआ और छोटी बहु को उसके साथ भेज दिया।

तब रास्ते में उस सर्प ने बहन को बताया कि मैं वही सर्प हूँ जिसकी तुमने जान बचायी थी। तुम मुझसे डरना नहीं। मैंने अभी इंसान शरीर धारण किया है। तुम मेरे घर चलो वहां सभी तुम्हारा स्वागत करेंगे। तुमको जब भी डर लगे तो मुझे याद कर लेना, मैं वहां प्रकट हो जाऊंगा।

तुम्हे वहां कोई भी कुछ भी नुकसान नहीं पहुंचाएगा। तब दोनों घर पहुँच गए। छोटी बहु ने देखा कि सर्प का घर बहुत सुन्दर है, धन, ऐश्वर्य की कोई कमी नहीं है। इस तरह छोटी बहु अपने नए मायके में रहने लगी। जब वह छोटी बहु वहां ज्योति जलाकर पूजा करती थी तो उस ज्योति को नाग के मस्तक पर रख देती थी।

Nag Panchami IN MARATHI LANGUAGE

Nag Panchami ESSAY IN HINDI

या पूजेशी संबंधित एक कथा आहे. जे फार महत्वाचे आहे. आम्हाला या कथेबद्दल तपशीलवार माहिती द्या. एक व्यापारी शहरात राहत होता. त्याला सात मुलगे होते. त्या सात मुलांचे लग्न झाले होते. त्या सात बहिणींपैकी सर्वात लहान मुलगी एक बहु-विद्वान, चांगली वागणूक देणारी आणि चांगली स्वभावाची स्त्री होती.

एक दिवस, सर्वात मोठ्या मल्टी-सदस्याने सर्व लोकांना सांगितले की घरी झेप घेण्यासाठी पिवळ्या रंगाची गरज आहे. आम्ही सर्वजण बाहेर जाऊन शेतातून पिवळी माती आणतो. मग सर्व वराला एक खोड आणि एक गठ्ठा घेऊन एकत्र गेले. त्यातील बरेच जण माती खणत असताना अचानक एका झाडाच्या बाहेर आला.

हे सर्व पाहून ते घाबरले. मग मोठ्या मल्टीला साप मारण्याची इच्छा होती. परंतु लहान सूनने तसे करण्यास नकार दिला. ते म्हणाले की, साप मारू नये, तो निर्दोष आहे. हे ऐकून मोठी मुलगी धाकट्या सूनवर रागावली. तथापि, छोट्या गटाच्या मते, कोणीही त्या सापाला मारले नाही.

मग धाकटी मुलगी सापासमोर हात जोडत म्हणाली, “हे सर्प!” तू इथेच थांब, मी घरी जाऊन दूध आणतो. मग सर्व सून तेथून निघून गेल्या. तो घरी गेल्यावर लहान मुलगा इतका अडकला की तो आठवत नाही की त्याने सर्पाला तिथे थांबण्यास सांगितले होते.

दुसर्‍या दिवसाची आठवण झाली व तो दूध घेऊन शेतात पोचला. तो साप तिथे त्याची वाट पहात होता. मग त्याने वाडग्यात सापाला दूध दिले आणि माफी मागितली. मग सर्प म्हणाला की काल तू माझा जीव वाचवलास म्हणून मी तुला तुझी बहीण मानतो.

म्हणूनच मी तुला चावले नाही कारण काल ​​तू मला इकडे थांबण्यास सांगितले परंतु तू विसरलास. परंतु आता मी आपला जीव वाचविण्यामुळे तुला माझी बहिण म्हणून स्वीकारण्यास सुरवात केली आहे. असे शब्द ऐकून सर्वात लहान मुलगीसुद्धा त्या सापाला आपला भाऊ म्हणून स्वीकारू लागली.

यानंतर दोघे आपापल्या घरी गेले. मग एक दिवस मानवी शरीरावर परिधान केलेला साप आपल्या धाकट्या बहिणीसह येथे पोहोचला. तो म्हणाला की मी तुझ्या धाकट्या सूनचा भाऊ आहे आणि त्याला घ्यायला आलो आहे. मग तिथे उपस्थित असलेल्या सर्वांना आश्चर्य वाटले कारण धाकट्या सूनच्या कुटुंबात भाऊ नसल्यामुळे.

मग कोणता नवीन भाऊ आला आहे? मग साप म्हणाला की मी एका नातेवाईकात येतो, मी लहानपणापासून कोठेतरी राहत होता. आता मी माझ्या बहिणीला घ्यायला आलो आहे. मग सासरच्यांना खात्री झाली आणि धाकट्याला त्याच्याबरोबर पाठविण्यात आले.

मग, त्या मार्गाने त्या सापाने त्या बहिणीला सांगितले की, मी तुमचा साप आहे ज्याचा जीव तुम्ही वाचविला. तू मला घाबरू नकोस. मी नुकतेच मानवी शरीर धारण केले आहे. तुम्ही माझ्या घरी याल आणि तिथे सर्वजण तुमचे स्वागत करतील. जेव्हा जेव्हा तुम्हाला भीती वाटेल तेव्हा मला आठव, मी तेथे हजर असेन.

तिथे तुमचे कोणतेही नुकसान होणार नाही. मग ते दोघेही घरात पोहोचले. लहान सूनने पाहिले की सर्पाचे घर खूपच सुंदर आहे, संपत्ती आणि भरभराटपणा नाही. अशा प्रकारे धाकट्या सून तिच्या नवीन मुलीमध्ये राहू लागल्या. त्या लहान मुलीने जेव्हा ज्योत पेटवली आणि तिची पूजा केली, तेव्हा ती ती साप सर्पाच्या कपाळावर लावायची.

Nag Panchami ESSAY IN BENGALI

এই পূজা সম্পর্কিত একটি গল্প আছে। যা খুব গুরুত্বপূর্ণ। আসুন আমাদের এই গল্পটি সম্পর্কে বিস্তারিত জানুন। একজন বণিক একটি শহরে বাস করতেন। তাঁর সাত পুত্র ছিল। সেই সাত ছেলের বিয়ে হয়েছিল। এই সাতটি গ্রেট-এর মধ্যে কনিষ্ঠ ছিলেন একজন বহু-শৃঙ্খলাবদ্ধ, কোমল এবং স্বভাবের মহিলা।

একদিন বড় পুত্রবধু সমস্ত পুত্রবধুকে বললেন যে বাড়ি ডুবে যাওয়ার জন্য হলুদ মাটি প্রয়োজন। আমরা সবাই বাইরে গিয়ে ক্ষেত থেকে হলুদ মাটি নিয়ে আসি। তারপরে বোনেরা শ্বশুরবাড়ি এবং খড়খড়ি নিয়ে একসাথে হাঁটলেন। তাদের মধ্যে অনেকে মাটি খুঁড়তে গিয়ে হঠাৎ গাছ থেকে একটি সাপ বেরিয়ে এল।

এই দেখে সবাই ভয় পেয়ে গেল। তারপরে বড় পুত্রবধু খুর দিয়ে সাপটিকে হত্যা করতে চেয়েছিল। তবে ছোট পুত্রবধু তা করতে অস্বীকার করেছিলেন। তিনি বলেছিলেন যে সাপটিকে হত্যা করা উচিত নয়, এটি নির্দোষ। এই শুনে বড় মেয়েটি ছোট পুত্রবধূকে নিয়ে রেগে যায়। তবুও কন্যা পুত্রবধূর মতে, কেউই সেই সাপটিকে হত্যা করেনি।

তখন ছোটটি সাপের সামনে হাত বাড়িয়ে বলল যে হে নাগা! তুমি এখানে থাক, আমি বাড়িতে গিয়ে দুধ নিয়ে আসি। তারপরে সমস্ত পুত্রবধু সেখান থেকে চলে গেলেন। যখন সে বাড়িতে গিয়েছিল, সে বাড়িতে গিয়ে ছোট বাড়ির কাজগুলিতে এতটাই মগ্ন হয়ে পড়েছিল যে সে মনে করতে পারে না যে সে সাপটিকে সেখানে অপেক্ষা করতে বলেছিল।

পরের দিনটির কথা মনে পড়ল এবং ছুটে চলছিল দুধ নিয়ে খামারে। সেই সাপটি সেখানে তাঁর অপেক্ষায় ছিল। তারপরে সে একটি বাটিতে সাপকে দুধ দেয় এবং ক্ষমা চেয়েছিল। তখন সাপ বলেছিল যে গতকাল তুমি আমার জীবন বাঁচিয়েছ, এজন্য আমি তোমাকে আমার বোন মনে করি।

এই কারণেই আমি আপনাকে কামড়াতে পারি নি কারণ গতকাল আপনি আমাকে এখানে অপেক্ষা করতে বলেছিলেন তবে আপনি ভুলে গিয়েছিলেন। কিন্তু এখন আমি আমার জীবন বাঁচার কারণে আপনাকে আমার বোন হিসাবে গ্রহণ করতে শুরু করেছি। এইরকম প্রতিশ্রুতি শুনে ছোট মেয়েও সেই সাপটিকে তার ভাই হিসাবে গ্রহণ করতে শুরু করে।

এর পরে দুজনেই নিজ নিজ বাড়িতে গেলেন। তারপরে একদিন সেই মানবদেহ পরা সাপটি তার ছোট বোনকে নিয়ে এখানে পৌঁছেছিল। তিনি বলেছিলেন যে আমি তোমার ছোট পুত্রবধুর ভাই এবং তাকে আনতে এসেছি। তখন সেখানে উপস্থিত সমস্ত লোক আশ্চর্য হয়ে গেল কারণ তার মায়ের বাড়িতে কেউ নেই।

তাহলে কোন নতুন ভাই এসেছেন? তখন সাপটি বলেছিল যে আমি আমার শৈশব থেকে দূরে কোথাও দূরে এসেছি relative এখন আমি আমার বোনকে নিতে এসেছি। তারপরে শ্বশুরবাড়ির লোকেরা বিশ্বাস করে ছোট পুত্রবধূকে তার সাথে প্রেরণ করে।

তারপরে পথে সাপটি বোনকে বলল যে আমি সেই সাপ, যার জীবন আপনি বাঁচালেন। তুমি আমাকে ভয় করো না আমি সবেমাত্র একটি মানবদেহ ধরেছি। আপনি আমার বাড়িতে আসবেন এবং সবাই আপনাকে সেখানে স্বাগত জানাবে। যখনই আপনি ভয় পান, আমাকে স্মরণ করুন, আমি সেখানে উপস্থিত হব।

কিছুই সেখানে আপনার ক্ষতি করবে না। তারপরে দুজনেই বাড়িতে পৌঁছে গেলেন। ছোট পুত্রবধূ দেখলেন যে সর্পের বাড়িটি খুব সুন্দর, ধন-সম্পদ ও uleশ্বর্যের অভাব নেই। এইভাবে ছোট পুত্রবধূ তার নতুন মেয়ের বাড়িতে থাকতে শুরু করলেন। সেই ছোট মেয়ে যখন শিখা জ্বালাত এবং পূজা করত, তখন সে সেই শিখাটি সর্পের কপালে রাখত।

Nag Panchami ESSAY IN ENGLISH

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There are many stories behind the celebration of this festival. The most popular legend is about Lord Krishna. When Krishna was just a young boy. he was playing the game of throwing the ball with his friends. During the play, the ball fell into Yamuna River. The legend, how Krishna vanquished Kalia Serpent and saved the people.

Nag Panchamī is a festival during which Hindus worship live Nagas (cobras) or images of them. In South India, Nag Panchami is a festival that brings siblings together to celebrate their family’s well-being. On this day, married women and girls wake up early in the morning. They take bath, arrange for puja, and go to the nearest ant hill (snake’s home) to perform puja. Traditionally, married young women visit their premarital house to celebrate this festival. Celebration of Nag Panchami involves women swinging on swings hung on tree branches.

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