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Women Empowerment Essay |Pdf Download| महिला सशक्तिकरण पर निबंध

Women Empowerment Essay

महिला सशक्तीकरण महिलाओं को अपने व्यक्तिगत आश्रित के लिए अपने निर्णय लेने के लिए सशक्त बना रहा है। महिलाओं को सशक्त बनाना, उन्हें सभी सामाजिक और पारिवारिक सीमाओं को छोड़कर मन, विचार, अधिकार, निर्णय आदि से सभी पहलुओं में स्वतंत्र बनाना है। यह सभी क्षेत्रों में पुरुष और महिला दोनों के लिए समाज में समानता लाना है। परिवार, समाज और देश का उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए महिला सशक्तिकरण बहुत आवश्यक है।

नारी सशक्तिकरण पर निबंध इन हिंदी

भारत एक प्रसिद्ध देश है जो प्राचीन समय से ही अपनी सभ्यता, संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत, परंपरा, धर्म और भौगोलिक विशेषताओं के लिये जाना जाता है। जबकि दूसरी ओर, ये अपने पुरुषवादी राष्ट्र के रुप में भी जाना जाता है। भारत में महिलाओं को पहली प्राथमिकता दी जाती है हालाँकि समाज और परिवार में उनके साथ बुरा व्यवहार भी किया जाता है। वो घरों की चारदीवारी तक ही सीमित रहती है और उनको सिर्फ पारिवारिक जिम्मेदारीयों के लिये समझा जाता है। उन्हे अपने अधिकारों और विकास से बिल्कुल अनभिज्ञ रखा जाता है। भारत के लोग इस देश को माँ का दर्जा देते है लेकिन माँ के असली अर्थ को कोई नहीं समझता ये हम सभी भारतीयों की माँ है और हमें इसकी रक्षा और ध्यान रखना चाहिये।
इस देश में आधी आबादी महिलाओं की है इसलिये देश को पूरी तरह से शक्तिशाली बनाने के लिये महिला सशक्तिकरण बहुत जरुरी है। उनके उचित वृद्धि और विकास के लिये हर क्षेत्र में स्वतंत्र होने के उनके अधिकार को समझाना महिलाओं को अधिकार देना है। महिलाएँ राष्ट्र के भविष्य के रुप में एक बच्चे को जन्म देती है इसलिये बच्चों के विकास और वृद्धि के द्वारा राष्ट्र के उज्जवल भविष्य को बनाने में वो सबसे बेहतर तरीके से योगदान दे सकती है। महिला विरोधी पुरुष की मजबूर पीड़ित होने के बजाय उन्हें सशक्त होने की जरुरत है।

वीमेन एम्पावरमेंट एस्से

पंडित जवाहर लाल नेहरु द्वारा कहा गया मशहूर वाक्य “लोगों को जगाने के लिये”, महिलाओं का जागृत होना जरुरी है। एक बार जब वो अपना कदम उठा लेती है, परिवार आगे बढ़ता है, गाँव आगे बढ़ता है और राष्ट्र विकास की ओर उन्मुख होता है। भारत में, महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये सबसे पहले समाज में उनके अधिकारों और मूल्यों को मारने वाले उन सभी राक्षसी सोच को मारना जरुरी है जैसे दहेज प्रथा, अशिक्षा, यौन हिंसा, असमानता, भ्रूण हत्या, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा, बलात्कार, वैश्यावृति, मानव तस्करी और ऐसे ही दूसरे विषय। लैंगिक भेदभाव राष्ट्र में सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक अंतर ले आता है जो देश को पीछे की ओर ढ़केलता है। भारत के संविधान में उल्लिखित समानता के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना सबसे प्रभावशाली उपाय है इस तरह की बुराईयों को मिटाने के लिये।
लैंगिक समानता को प्राथमिकता देने से पूरे भारत में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है। महिला सशक्तिकरण के उच्च लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये इसे हर एक परिवार में बचपन से प्रचारित व प्रसारितकरना चाहिये। ये जरुरी है कि महिलाएँ शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रुप से मजबूत हो। चूंकि एक बेहतर शिक्षा की शुरुआत बचपन से घर पर हो सकती है, महिलाओं के उत्थान के लिये एक स्वस्थ परिवार की जरुरत है जो राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिये आवश्यक है। आज भी कई पिछड़े क्षेत्रों में माता-पिता की अशिक्षा, असुरक्षा और गरीबी की वजह से कम उम्र में विवाह और बच्चे पैदा करने का चलन है। महिलाओं को मजबूत बनाने के लिये महिलाओं के खिलाफ होने वाले दुर्व्यवहार, लैंगिक भेदभाव, सामाजिक अलगाव तथा हिंसा आदि को रोकने के लिये सरकार कई सारे कदम उठा रही है।
महिलाओं की समस्याओं का उचित समाधान करने के लिये महिला आरक्षण बिल-108वाँ संविधान संशोधन का पास होना बहुत जरुरी है ये संसद में महिलाओं की 33% हिस्सेदारी को सुनिश्चित करता है। दूसरे क्षेत्रों में भी महिलाओं को सक्रिय रुप से भागीदार बनाने के लिये कुछ प्रतिशत सीटों को आरक्षित किया गया है। सरकार को महिलाओं के वास्तविक विकास के लिये पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों में जाना होगा और वहाँ की महिलाओं को सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं और उनके अधिकारों से अवगत कराना होगा जिससे उनका भविष्य बेहतर हो सके। महिला सशक्तिकरण के सपने को सच करने के लिये लड़िकयों के महत्व और उनकी शिक्षा को प्रचारित करने की जरुरत है।

Essay on Women Empowerment in India

Women Empowerment Essay pdf download

India is a very famous country known for its cultural heritage, traditions, civilization, religion and geographical features from the ancient time. On the other hand, it is also popular as a male chauvinistic nation. Women are given first priority in India however on the other hand they were badly treated in the family and society. They were limited only for the household chores or understand the responsibility of home and family members. They were kept totally unaware of their rights and own development. People of India used to say this country as “Bharat-Mata” however never realized the true meaning of it. Bharat-Mata means a mother of every Indian whom we have to save and care always.
Women constitute half power of the country so in order to make this country a fully powerful country, women empowerment is very necessary. It is empowering women to understand their rights to be independent in every area for their proper growth and development. Women give birth to the baby means future of the nation so only they can better involve in making the bright future of the nation through the proper growth and development of the children. Women need to be empowered instead of treating as a helpless victim of male chauvinism.

Women’s empowerment essay in tamil

பண்டைய காலத்தில் இருந்து அதன் கலாச்சார பாரம்பரியம், மரபுகள், நாகரிகம், மதம் மற்றும் புவியியல் அம்சங்கள் ஆகியவற்றிற்கு இந்தியா மிகவும் பிரபலமான நாடாகும். மறுபுறம், இது ஒரு ஆண் பேரினவாத நாடு என்றும் பிரபலமாக உள்ளது. இந்தியாவில் முதன் முதலில் முன்னுரிமை வழங்கப்பட்டாலும், அவர்கள் குடும்பத்திலும் சமூகத்திலும் மோசமாக நடத்தப்பட்டனர். அவர்கள் வீட்டிற்கு வேலைகள் மட்டும் அல்லது வீட்டு மற்றும் குடும்ப உறுப்பினர்கள் பொறுப்பு புரிந்து கொள்ளப்பட்டது. அவர்கள் தங்கள் உரிமைகள் மற்றும் சொந்த வளர்ச்சியை முற்றிலும் அறியாதவர்கள். இந்த நாட்டை “பாரத்-மாதா” என்று சொல்லும் மக்கள், அதன் உண்மையான அர்த்தத்தை உணர்ந்ததில்லை. பாரத மாதா ஒவ்வொரு இந்தியரின் தாயையும் குறிக்கும்.
இந்த நாட்டின் ஒரு முழுமையான சக்திவாய்ந்த நாட்டை உருவாக்குவதற்காக, நாட்டின் பெண்கள் பாதி சக்தியை உருவாக்குகிறார்கள், பெண்கள் அதிகாரம் அவசியம். ஒவ்வொரு பகுதியிலும் முறையான வளர்ச்சி மற்றும் வளர்ச்சிக்கு தங்கள் உரிமைகளை புரிந்துகொள்வதற்கு பெண்களுக்கு இது அதிகாரம் அளிக்கிறது. குழந்தைக்கு குழந்தை பிறக்கும் குழந்தைகளுக்கு, குழந்தைகள் எதிர்கால வளர்ச்சியும், வளர்ச்சியும் மூலம் நாட்டின் பிரகாசமான எதிர்காலத்தை சிறப்பாகச் செய்ய முடியும். ஆண் சோவினிசத்தின் உதவியின்றி பாதிக்கப்பட்ட பெண்களுக்கு பதிலாக பெண்களுக்கு அதிகாரம் வேண்டும்

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प्राचीन काळापासून सांस्कृतिक वारसा, परंपरा, सभ्यता, धर्म आणि भौगोलिक वैशिष्ट्यांसाठी भारत एक अतिशय प्रसिद्ध देश आहे. दुसरीकडे, नर नरवादी राष्ट्र म्हणून देखील लोकप्रिय आहे. भारतात स्त्रियांना प्रथम प्राधान्य देण्यात आले आहे, तर दुसरीकडे त्यांचे कौटुंबिक आणि समाजात वाईट वागणूक देण्यात आली. ते केवळ घरगुती कामासाठी मर्यादित होते किंवा घर आणि कुटुंबातील सदस्यांची जबाबदारी समजतात. त्यांना त्यांच्या हक्कांचे आणि विकासाबद्दल पूर्णपणे माहित नव्हते. भारतातील लोक हे देश “माता-माता” असे म्हणत असत परंतु याचा अर्थ खऱ्या अर्थाने कधीच समजू शकला नाही. भरत-माता म्हणजे प्रत्येक भारतीयची आई ज्याला आपण नेहमीच वाचवावे आणि काळजी घ्यावी.
देशाला अर्ध्या शक्तीची निर्मिती करणे म्हणजे देश या देशाला पूर्णपणे शक्तिशाली बनविण्यासाठी महिला सशक्तीकरण आवश्यक आहे. प्रत्येक क्षेत्रामध्ये त्यांच्या योग्य वाढीसाठी आणि विकासासाठी स्वतंत्र असल्याचा अधिकार महिलांना समजणे सशक्त आहे. स्त्रिया बाळांना जन्म देतात म्हणजे देशाचे भविष्य म्हणजे मुलांच्या योग्य वाढ आणि विकासाद्वारे देशाचे उज्ज्वल भविष्य बनवण्यामध्ये तेच चांगले योगदान देतील. स्त्रीविरोधी असहाय्य बळी म्हणून वागण्याऐवजी स्त्रियांना अधिकार देण्यात यावा.

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